गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को बताया कि अलवर की घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मारपीट में शामिल तीन अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि भीड़ द्वारा की गई मारपीट निंदा योग्य है. यह कोई पहली घटना नहीं है. 1984 में सिखों के साथ जो भीड़ द्वारा मारपीट की गई थी वह अब तक की सबसे बड़ी घटना थी.

अलवर जिले में ताजा मॉब लिंचिंग की घटना से विपक्ष को एक और मुद्दा मिल गया है. विपक्ष ने सरकार पर भीड़ द्वारा मारपीट की घटना को नियंत्रण नहीं रखने के लिए आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस महासचिव और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इसे भयानक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी और दिशा निर्देश के बावजूद अलवर में एक आदमी के साथ भीड़ ने मारपीट की. उन्होंने कहा, ”मैं कड़े शब्दों में अकबर खान की मौत की निंदा करता हूं.”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी भीड़ द्वारा मारपीट की घटना के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा, ”अलवर में एक व्यक्ति की भीड़ द्वारा की गई मारपीट से हुई मौत की खबर से मुझे दुख हुआ है. भाजपा शासित राज्यों में संदेह पर लोगों द्वारा मारपीट कर उनकी हत्या किया जाना आम बात हो गई है.” पायलट ने कहा कि ससंद में कल केन्द्रीय गृह मंत्री ने भीड़ द्वारा मारपीट की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की बताई थी. लेकिन वह बात भी खोखली दिखाई दे रही है.