ऐसा क्या हुआ जो एक साथ पूरे परिवार को मिली 10 साल कैद की सजा
इंदौर.जिला कोर्ट ने दहेज-हत्या के मामले में युवती के पति व सास-ससुर सहित एक ही परिवार के पांच सदस्यों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। युवती ने दहेज से प्रताड़ित होकर आत्मदाह किया था। पुलिस ने हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था किंतु अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका। कोर्ट ने दहेज हत्या मानकर उक्त सजा सुनाई।

गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश आशिता श्रीवास्तव ने मृतका सावित्री के मामले में उसके पति अंकित, ससुर मेहरबान सिंह, सास लीला, जेठ अशोक व जेठानी सविता, निवासी लक्ष्मणखेड़ी सांवेर को सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। सावित्री की मौत 4 जून 2014 को जलने से हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप में धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिजीतसिंह राठौर ने 11 गवाहों के बनाए करवाए।
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हालांकि पूरे साक्ष्य नहीं मिलने से हत्या का मामला तो सिद्ध नहीं हुआ, लेकिन कोर्ट ने आत्मदाह मानकर सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतका से आरोपी दहेज में पांच लाख रुपए व कार की मांग करते हुए प्रताड़ित करते थे। घटना के कुछ दिन पहले भी आरोपियों ने युवती के साथ मारपीट की थी जिसके निशान उसके शरीर पर पाए गए थे। इससे तंग आकर ही उसने आत्मदाह किया था।





