विराट कोहली जीत के बाद पत्रकारों पर भड़के, कहा-मेरी प्रशंसा न करें

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खुद को 22 गज की दुनिया का बेताज बादशाह साबित करने वाले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने जीत के बाद मीडिया को निशाने पर लिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल के दौरान कोहली भड़क गए. दरअसल कोहली को इस बात का दुख था कि जब टीम टेस्ट सीरीज में अच्छा नहीं कर रही थी तो मीडिया ने उसको गलत ढंग से पेश किया. हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब कोहली मीडिया पर भड़के हो. आइए जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला.

विराट कोहली जीत के बाद पत्रकारों पर भड़के, कहा-मेरी प्रशंसा न करें

मुझे किसी का तमगा नहीं चाहिए
जब विराट कोहली से पूछा गया कि क्या उन्हें अब विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कहा जा सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जैसे कहा है कि मैं किसी तरह का तमगा नहीं चाहता हूं. मैं सुर्खियों में नहीं रहना चाहता हूं. मैं केवल अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाना चाहता हूं. यह लोगों पर निर्भर करता है कि वे क्या लिखते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यह मेरा काम है. मैं जो कर रहा हूं वह मुझे करना चाहिए और मैं किसी की तारीफ के लिये ऐसा नहीं कर रहा हूं. इसलिए मैं कड़ी से कड़ी मेहनत और टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करने के वर्तमान दौर में बने रहना चाहता हूं.’ भारतीय कप्तान ने फिर से साफ किया कि जब तक टीम उनकी अहमियत समझती है तब तक लोग क्या सोचते हैं यह उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखता.

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उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये यह मायने रखता है कि टीम प्रबंधन मेरे बारे में क्या सोचता है, मैं खिलाड़ियों के बारे में क्या सोचता हूं और खिलाड़ी मेरे बारे में क्या सोचते हैं. मेरे लिये यही सब मायने रखता है. मैं जानता हूं कि हर दिन शीर्षक बदलता है. कल अगर मैं खराब शॉट खेलकर शून्य पर आउट होता हूं तो हर कोई वह काम करेगा जो उसे करना चाहिए, इसलिए यह कहना मेरा काम नहीं है कि मैं क्या करूं.’
 

अगर मैं गलत हूं तो स्वीकार करूंगा
कोहली ने कहा, ‘हां अगर मैं गलती करता हूं तो मैं यहां आकर उसे स्वीकार करूंगा. मैं उन लोगों में नहीं हूं जो बहाना बनाते हैं और आगे भी ऐसा ही रहूंगा. लेकिन मैं ऐसा व्यक्ति भी नहीं हूं जो यहां आकर खुद की प्रशंसा करूं. मैं कभी ऐसा नहीं कर सकता, क्योंकि जैसे मैंने कहा यह मेरी भूमिका है. मैं किसी की तारीफ के लिये ऐसा नहीं कर रहा हूं.’ कप्तान के इस बयान से साफ झलकता है कि वह पूर्व की आलोचनाओं से वह कितने आहत थे. कोहली से पूछा गया कि क्या यह भारत की विदेशी सरजमीं पर सर्वश्रेष्ठ जीत है, उन्होंने कहा, ‘आप लोग कह सकते हो. एक महीने पहले हमारी टीम बहुत बुरी थी. अब हमसे यह सवाल किया जा रहा है. हमने अपनी मानसिकता नहीं बदली.’

उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि पहले दो टेस्ट मैचों के बाद 90 प्रतिशत लोगों ने हमारी जीत की संभावना नकार दी थी. मैं इसी कमरे में संवाददाता सम्मेलन में बैठा था.  इसलिए हम जानते हैं कि हमारी टीम क्या कर सकती है. मैं किसी तरह के मुगालते में नहीं जीता, क्योंकि यह मेरे लिये मायने नहीं रखता. जब हम 0-2 से पिछड़ रहे थे तब भी यह मायने नहीं रखता था और अब जब हम 5-1 से जीते हैं तब भी. मेरे लिये ड्रेसिंग रूम का सम्मान मायने रखता है.’

 

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