Home > राज्य > उत्तराखंड > उत्तराखंड के थराली और नगर निकायों में कांग्रेस के साथ प्रीतम की भी अग्नि परीक्षा

उत्तराखंड के थराली और नगर निकायों में कांग्रेस के साथ प्रीतम की भी अग्नि परीक्षा

देहरादून: प्रदेश में 28 मई को थराली उपचुनाव और फिर नगर निकाय चुनाव सिर्फ कांग्रेस के लिए ही प्रतिष्ठा का सबब नहीं हैं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस के मुखिया प्रीतम सिंह के लिए भी अग्नि परीक्षा से कम नहीं हैं। पार्टी के भीतर गतिविधियों और कार्यक्रमों को लेकर अक्सर दिग्गजों के निशाने पर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के लिए आगे की राह भी परीक्षा में मिलने वाली कामयाबी पर काफी कुछ निर्भर करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि प्रीतम को पार्टी के सामने खड़ी चुनौतियों में खुद को साबित करना होगा।उत्तराखंड के थराली और नगर निकायों में कांग्रेस के साथ प्रीतम की भी अग्नि परीक्षा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में प्रीतम सिंह इसी माह अपना एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजय मिलने से पस्तहाल कांग्रेस को राज्य में दोबारा से उठाने की अहम जिम्मेदारी के साथ बीते वर्ष मई माह में प्रीतम सिंह की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी की गई थी।

विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते जब कांग्रेस के बड़े दिग्गजों को भी हार का मुंह देखना पड़ा था, तब प्रीतम अपनी विधायकी बचाने में कामयाब रहे। अब प्रीतम सिंह के सामने प्रदेश में कांग्रेस की नैया पार लगाने और कार्यकर्ताओं में जोश फूंकने की चुनौती है। हालांकि, दोनों मंडलों में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारों को निशाने पर लेते हुए प्रीतम सिंह कई कार्यक्रमों और गतिविधियों को अंजाम देकर पार्टी के भीतर अपने विरोधियों को जवाब दे चुके हैं। 

बावजूद इसके उनकी सौम्य और अपेक्षाकृत कम आक्रामक छवि पर पार्टी के भीतर उनके विरोधी ही सवाल उठाते रहे हैं। अब थराली विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव पर कांग्रेस की निगाहें टिकी हैं। इस उपचुनाव में जीत दर्ज कर पार्टी सिर्फ प्रदेश में ही नहीं, देशभर में संदेश देना चाहती है। तीर्थस्थलों बदरीनाथ और केदारनाथ धामों और उनसे जुड़ी विधानसभा सीटों के बीच थराली सीट पर जीत मिलने की स्थिति में कांग्रेस को भाजपा पर मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलना तय है। 

नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर भी इस जीत के मायने अहम माने जा रहे हैं। इसे देखते हुए ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस उपचुनाव में काफी रुचि ले रहे हैं। प्रीतम सिंह के लिए भी उपचुनाव की जंग प्रतिष्ठा का विषय बन चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कहते हैं कि पार्टी के सामने मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रीतम सिंह को अधिक सक्रिय होने की जरूरत है।

Loading...

Check Also

महागठबंधन में शामिल होने के लिए शिवपाल यादव ने रखी बेहद कड़ी शर्त...

महागठबंधन में शामिल होने के लिए शिवपाल यादव ने रखी बेहद कड़ी शर्त…

प्रगतिशील समाजवादी के संरक्षक शिवपाल सिंह यादव ने 2019 के चुनाव में यूपी में संभावित …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com