UP के पूर्व CM अखिलेश यादव ने कहा- योगी सरकार नए निवेशकों को लाने में रही असफल….

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है. अखिलेश ने कहा कि भाजपा के पहले के आयोजनों से न तो नए निवेश आए हैं और न ही कोई इंडस्ट्री लगी है. सरकार की इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत जिन डेवलपर्स ने अपने प्रोजेक्ट प्लान कर रखे हैं, उनकी डीपीआर महीनों से मंजूर नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं.

अखिलेश ने कहा कि एक साल के अंदर निवेश प्रोत्साहन के नाम पर तीसरा आयोजन 28 जुलाई 2019 को होने जा रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक साफ तौर पर ये नहीं बताया है कि पिछले 2 आयोजनों के तहत प्रदेश में कितना पूंजीनिवेश हुआ है और कितनी इंडस्ट्री लगी हैं. अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार नए निवेशक लाने में असफल साबित हुई है.

पूर्व सीएम ने कहा कि बार-बार सरकार उन्हीं निवेशकों का नाम ले रही है जो समाजवादी सरकार के कार्यकाल में पूंजी निवेश के लिए आए थे. एचसीएल, मेदांता ग्रुप, अमूल प्लांट, आईटी हब व अन्य को प्रदेश में लाने का श्रेय समाजवादी सरकार को ही जाता है. उन्होंने कहा कि अफसरशाही के चलते निवेशक निराश हैं और अपने को अपमानित महसूस कर रहे हैं.

अखिलेश ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर इकोनॉमी का सपना दिखाते हैं, लेकिन हालात यह है कि प्रदेश में न तो कानून व्यवस्था के हालात ठीक हैं और ना ही इंडस्ट्री के लिए अनुकूल अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं न घटती हों.

अखिलेश ने कहा कि रक्षा मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ आउटर रिंग में 4 महीने पहले बनी 14 किलोमीटर की सड़क 18 जगहों पर धंस गई. सड़कों को गड्ढामुक्त करने की योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. जब बिजली, पानी, सड़क के साथ सुरक्षा का भी अभाव होगा तो कौन निवेशक आएगा?

उन्होंने कहा कि निवेशकों को धोखा देने के लिए इन्वेस्टर्स मीट और ग्रांउड ब्रेकिंग सेरेमनी के नाम पर सिर्फ करोड़ों रूपए बहाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. अगर समाजवादी सरकार के रूके हुए काम ही भाजपा सरकार पूरा कर ले तो कुछ तो विकास दिखाई पड़ने लगेगा. सरकार ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया और ढाई साल इवेंट मैनेजमेंट करके निकाल दिए.

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