केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने हुड्डा, इनेलो के साथ-साथ सीएम पर भी इशारों में किया वार

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झज्जर। केंद्रीय योजना, रसायन व उर्वरक राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने खुद को हरियाणा का सबसे सशक्त जनाधार वाले नेता के रूप में प्रस्तुत करने का भरपूर प्रयास किया। गांव मुंडाहेड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित रैली में राव ने पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को तो निशाने पर लिया ही, प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पर भी तीखे प्रहार किए।केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने हुड्डा, इनेलो के साथ-साथ सीएम पर भी इशारों में किया वार

यह भी दिलचस्प था कि उनके मंच पर पाश्र्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल का भी चित्र था, लेकिन राव ने मुख्यमंत्री पर भी इशारों ही इशारों में टिप्पणी कर दी। बोले, नेता को मुख्यमंत्री बनाओ, उसे नहीं जो मुख्यमंत्री बनने के बाद नेता बने।रैली में भारी भीड़ देख आत्मविश्वास से ओतप्रोत राव ने लगभग 30 मिनट के संबोधन में अपने राजनीतिक जीवन के हर दौर का जिक्र किया। स्वयं को सबसे काबिल और जनता के हितों से जुड़ा रहने वाला नेता बताया। अंत में उपस्थित लोगों से उन्होंने इस पर सहमति की मुहर भी लगवाई। उसके बाद अपनी बात खत्म करते हुए बोले, आप मुझे अपना सहयोग दे देंगे तो इन सारे नेताओं को मैं अपने आप देख लूंगा।

वादा किया : पहले झज्जर की प्यास बुझाएगा रावी-ब्यास का पानी

दक्षिण हरियाणा के लिए अहम समझी जाने वाली इस रैली में केंद्रीय मंत्री ने भावनात्मक लहजे में कहा कि रावी-ब्यास का पानी पहले झज्जर की धरा की प्यास बुझाएगा और फिर आगे जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल को निशाने पर रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह हरियाणा का दुर्भाग्य है कि इस दौरान समाज में आपसी दरार आई है। जैसे तीन टांग की कुर्सी पर कोई नहीं बैठ सकता, ठीक उस तरह समाज में दरार रहते हुए राज भी नहीं किया जा सकता। इसलिए वह दरार को दूर कर भाईचारा बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 36 बिरादरी अगर एक साथ कार्य करें तो विकास के मामले में हम गोवा से भी आगे जा सकते हैं।

जवाब मांगा : बादल की सरकार थी तो इनेलो ने एसवाईएल पर क्या किया

एसवाइएल नहर के मुद्दे से अपनी बात शुरू करते हुए राव ने कहा कि आज जब सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के हक में फैसला दे चुका है तो इनेलो जेल भरो आंदोलन के नाम पर अंगुली कटवाकर शहीद होना चाहता है। अगर इनेलो को कुछ करना था तो उस दौरान करता जब पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार थी।

राव प्रकारांतर से बादल और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के पारिवारिक रिश्तों की याद दिला रहे थे। एसवाईएल नहर की वर्तमान स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि वह सूबे के सभी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर मांग करेंगे कि हरियाणा को जीवन दान दे दीजिए। राव ने बताया कि इस विषय में मुख्यमंत्री से भी बात हुई थी। लेकिन यह नहीं पता कि उन्होंने आगे प्रधानमंत्री से क्या बातचीत की।

आरोप लगाया : हुड्डा ने निजी स्वार्थ में किया मेरा अहित

झज्जर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाला माना जाता है। इसलिए राव ने खुद को सशक्त साबित करने के लिए हुड्डा को आड़े हाथ लिया। बोले, सन 2004 में जब वह मुख्यमंत्री बने थे तो हमने उनकी मदद की थी। वह हमारे मित्र थे। सांसद के रूप में हुड्डा हमारी पैरवी कर चुके थे। बाद में हुड्डा ने निजी स्वार्थ के कारण हमें दरकिनार कर दिया। उन लोगों ने ही मेरे खिलाफ साजिश रची, जिनका हमने चुनाव में साथ दिया था। इस कारण कांग्रेस छोडऩी पड़ी थी। अब भी कुछ लोग हरियाणा इंसाफ मंच की बात करते हैं लेकिन भाजपा में हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा व्यक्तित्व पूरे देश में कोई और नहीं है।

सवाल उठाया : रोहतक का जिक्र लंदन तक झज्जर लेकिन झज्जर का…

रोहतक की चौधर के नारे पर उन्होंने कहा कि भले ही वहां का जिक्र लंदन तक पहुंच गया हो, लेकिन झज्जर का नाम तो चंडीगढ़ तक जाकर ही गुम हो जाता है। तीन पीढिय़ों की राजनीतिक विरासत की बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह सदैव किसानों की बात उठाते आए हैं, लेकिन उन्हें किसान नेता नहीं कहा जाता। यह कारण कभी समझ में नहीं आया। एक समय ऐसा भी था जब हरियाणा में यह कहावत मशहूर थी कि राव आया तो साथ में भाव लेकर आया। राव गया तो भाव भी गया, लेकिन आज वह बात नहीं है। वह गांव और शहर दोनों से वोट पाते हैं, जबकि खुद को किसान नेता कहने वाले नेता गांवों से हारते रहे और शहरों के वोट से जीत हासिल करते रहे हैं।

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