विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने स्वच्छ भारत अभियान पर एक बड़ा बयान दिया है. आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कहा है कि वे केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान में भागीदारी पर छात्रों को शैक्षणिक क्रेडिट की पेशकश करने पर विचार करें. आयोग ने इस महीने की शुरुआत में हुई एक बैठक में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की ओर से स्वच्छ भारत अभियान की गतिविधियों के तहत 15 दिनों (100 घंटे) की समर इंटर्नशिप करने पर उन्हें विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली (सीबीसीएस) के तहत दो क्रेडिट देने को मंजूरी दी थी.

यूजीसी की ओर से विश्विद्यालयों को लिखे गए एक पत्र के मुताबिक, ‘‘ इस समर इंटर्नशिप में ऐसी अपेक्षा है कि छात्र गांवों या झुग्गियों में समग्र साफ- सफाई में सिर्फ हिस्सेदारी ही नहीं करेंगे बल्कि इस अभियान के तहत साफ- सफाई बनाए रखने की व्यवस्था बनाने में भी मदद करेंगे. इन प्रयासों से देश भर में छात्रों को भारतीय संदर्भ मेंकाफी कुछ सीखनेका मौका मिलेगा और इससे शिक्षा में भी समग्र सुधार लाने में मदद मिलेगी.’’

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आयोग ने विश्वविद्यालयों एवं उनसे संबद्ध कॉलेजों से कहा है कि वे आगामी समर सत्र से इस वैकल्पिक पाठ्यक्रम को अमल में लाएं और इसे व्यापक रूप से प्रचारित करें ताकि बड़ी संख्या में छात्र इसे अपनाएं.