UK सरकार ने एमवी एक्ट द्वारा तय जुर्माने के सापेक्ष नियमों के उल्लंघन के मामले में दी राहत

उत्तराखंड सरकार ने संशोधित मोटर यान अधिनियम में केंद्र द्वारा से जुर्माने के सापेक्ष नियमों के उल्लंघन के मामले में खासी राहत दे दी है। सरकार ने कई मामलों में कंपाउंडिंग फीस केंद्र द्वारा तय जुर्माने से आधी कर दी है। हालांकि, ये कंपाउंडिंग दरें अभी तक प्रचलित दरों के मुकाबले दो गुना से लेकर पांच गुना अधिक हैं। 
कैबिनेट ने सड़क दुर्घटना की वजह बनने वाले बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट, ओवर स्पीडिंग व दुपहिया वाहन में ट्रिपल राइडिंग जैसे नियमों के उल्लंघन के लिए तय जुर्माने में कोई बदलाव नहीं किया है। ट्रिपल राइडिंग व हेलमेट न पहनने पर 1000 रुपये के जुर्माने के साथ ही तीन माह तक लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
गुजरात के बाद उत्तराखंड दूसरा भाजपाशासित राज्य है, जिसने केंद्रीय मोटरयान अधिनियम एक्ट के कुछ प्रावधानों में छूट दी है। नई दरें नोटिफिकेशन जारी होने के बाद लागू की जाएंगी।
बुधवार देर सायं सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक के फैसलों को सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने मोटरयान अधिनियम के कुछ प्रावधानों में ढील देने की इजाजत राज्यों को दी है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने नए मोटर यान अधिनियम के तहत यातायात नियमों की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन करने पर केंद्र द्वारा तय जुर्माने की दरों के सापेक्ष राज्य में कंपाउंडिंग फीस की दरों पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि नई दरें किस तिथि से लागू होंगी, इसका जिक्र नोटिफिकेशन में किया जाएगा और आम जनता को इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी।
सरकार ने व्यावसायिक वाहन संचालकों पर कोई खास नरमी नहीं दिखाई है। यात्रियों को न बिठाने, परिवहन अधिकारी के कार्य में बाधा डालने, जानबूझ कर सूचना न देने जैसे छह तरह के नियमों के उल्लंघन के लिए केंद्र के समान ही शुल्क रखा गया है।
यात्री व वाहन चालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर केंद्र द्वारा तय दरों में सरकार ने राहत देते हुए अनेक मामलों में कंपाउंडिंग की दरों को आधा कर दिया है। यानी, इन जुर्मानों को विभाग में ही भुगतने पर उन्हें राहत मिलेगी। अगर जुर्माना कोर्ट में भुगता जाएगा तो केंद्र द्वारा तय दरों का ही संज्ञान लिया जाएगा।
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