CM योगी ने रात्रिभोज में विधायकों को बताया ये प्लान

लखनऊ। भाजपा सरकार और संगठन ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 74 सीटें जीतने के लिए विधायकों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने अपेक्षा की कि सभी विधायक अपने क्षेत्रों में संपर्क कर बूथों को सपा, बसपा और कांग्रेस मुक्त बनाएं और इन दलों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भाजपा से जोड़ें। सितंबर माह से 31 जनवरी तक विधायक गांव-गांव घूमेंगे। इस दौरान हर महीने तीन चौपालों का भी आयोजन करना है। CM योगी ने रात्रिभोज में विधायकों को बताया ये प्लान

गुरुवार की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर विधायकों को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था। इसमें विधानसभा और विधान परिषद के भाजपा सदस्य शामिल हुए। इस बहाने मेरठ की प्रदेश कार्यसमिति और दिल्ली की बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दिये गए मंत्र को जमीन पर उतारने की नसीहत दी गई। बंसल ने प्रस्तावना रखी और योगी और डॉ. पांडेय ने उसे विस्तार दिया। एक सितंबर से जनवरी तक हर माह में विधायकों से दस दिन मांगा गया है। हर विधायक को प्रतिदन पांच गांवों के हिसाब से 50 दिन में 250 गांवों में संपर्क करना है। विधायकों को अपनी निधि से कराये गए कार्यों का ब्योरा देने और इसे सार्वजनिक करने के निर्देश दिये गए हैं। इसी अवधि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत वरिष्ठ नेताओं की सभा भी लगेगी। 

हर ग्राम पंचायत में दलित-पिछड़ा एजेंडा

विधायकों को जन संपर्क के दौरान हर ग्राम पंचायत में 50 नए सदस्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। दरअसल, इसके जरिये भाजपा अपने दलित और पिछड़े एजेंडे को मजबूत करेगी। तय किया गया है कि दस पिछड़े और एससी-एसटी के नए सदस्य अनिवार्य रूप से बनाये जाएं। सदस्यता के लिए भाजपा ने नया टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। विधायकों को संपर्क के दौरान बूथ समिति के कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से मिलना है। गांवों में रहने वाले दलित और पिछड़ों समेत प्रमुख सामाजिक वर्ग के प्रभावी लोगों, मुखिया से संपर्क कर सरकार की उपलब्धि बताई जाए और उन्हें भी भाजपा से जोड़ा जाए। 

योजनाओं को जमीन पर उतारें 

विधायकों को कहा गया कि ग्राम स्वराज अभियान में चयनित 3387 गांवों के संपूर्ण विकास की जो योजना बनी, उन्हें सितंबर में सौ प्रतिशत पूरा किया जाए। फिर योजनाओं से परिपूर्ण गांवों में सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएं। बिजली समेत कई परियोजनाओं से पात्रों को संतृप्त कराना है। 

सेवा दिवस के रूप में मनेगा मोदी का जन्मदिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को जन्मदिन है। संगठन ने तय किया है कि मोदी का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनेगा। इसके पहले 16 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के एक माह पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर महिला मोर्चा द्वारा आयोजित किये जाने वाले काव्यांजलि कार्यक्रम में भी विधायकों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिये गए।

इसके पहले 15 सितंबर तक सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों का मंडल स्तर पर गठन सुनिश्चित होना है। विधायकों को भी इसमें सहयोग के निर्देश दिये गए हैं। एक से 15 सितंबर तक लोकसभा चुनाव संचालन समिति और विधानसभा चुनाव संचालन समिति की बैठकें होनी हैं। एक लाख 63 हजार 300 बूथों पर नई कमेटियों का भी गठन होगा। भाजपा के सभी फ्रंटल संगठनों के लिए कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण होना है। प्रदेश में भी बड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। दो अक्टूबर को पदयात्रा कार्यक्रम भी तय किया गया है। 

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