डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकता है प्रदूषण

वायु प्रदूषण के होने वाले दुष्प्रभावों से हम सभी वाकिफ हैं। दिल्ली और आस-पास के इलाकों का AQI 400 से ऊपर जा चुका है, जो सबसे ज्यादा हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन यह सिर्फ यहीं नहीं रुक रहा है। वायु प्रदूषण का मुख्य कारण PM 2.5 पार्टिकल्स होते हैं, जो इतने छोटे होते हैं कि यह आपकी सांस के द्वारा आपके फेफड़ों में प्रवेश कर, आपके खून में भी जा सकते हैं।

दिल्ली के आस-पास के इलाकों में यह खतरनाक लेवल पर पहुंच चुका है। ऐसे में इसकी वजह से होने वाली बीमारियों में एक नाम और जुड़ गया है। एक स्टडी में पाया गया है कि प्रदूषण टाइप-2 डायबिटीज की वजह बन सकता है। प्रदूषण पर हुई यह स्टडी, क्रॉनिक डिजीज इन इंडिया का एक हिस्सा है, जो दिल्ली और चेन्नई के लोगों पर किया गया है। इस स्टडी में डायबिटीज और वायु प्रदूषण के बीच के संबंध के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई और पाया गया कि वायु प्रदूषण डायबिटीज की वजह बन सकता है। आइए जानते हैं बढ़ते प्रदूषण में डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है।

इन तरीकों से कर सकते हैं बचाव…

  • अपने घर में हीपा फिल्टर वाले एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें। यह आपके घर की हवा में मौजूद डस्ट पार्टिकल्स और प्रदूषकों को साफ करता है, जिससे आपको सांस लेने के लिए साफ हवा मिल पाती है।
  • रोज 30 मिनट एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज आपके बॉडी के फैट्स को कम करता है और साथ ही यह आपके फेफड़ों को भी मजबूत बनाता है। मोटापा डायबिटीज का बहुत बड़ा कारण है, इसलिए एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। प्रदूषण की वजह से अपने घर में ही एक्सरसाइज करें, बाहर न जाएं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-सी से भरपूर खाना खाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है, जो डायबिटीज के खतरे को कम करता है और विटामिन-सी आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाता है।
  • बाहर कम से कम निकलें। जब जरूरत हो तभी बाहर जाएं और मास्क लगाकर जाएं। इससे PM 2.5 आपके शरीर में कम जाते हैं और प्रदूषण से होने वाला नुकसान भी कम होता है।
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