सोते समय रखें दिशाओं का ध्यान, जीवन में होगा नई ऊर्जा का संचार

सोने के लिए सभी दिशाओं का चुनाव करना ठीक नहीं होता। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व दिशा में सिर करके सोना अच्छा रहता है जबकि पश्चिम दिशा में सिर करके कभी नहीं सोना चाहिए। पूर्व दिशा में सिर यानी पश्चिम दिशा में पैर करके सोना स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा होता है क्योंकि सूरज पूर्व दिशा की ओर से ही निकलता है और उसकी सबसे पहली किरण पूर्व दिशा में ही देखने को मिलती है इसलिए इस दिशा में सिर करके सोने से सुबह की पहली किरण आपके सिर पर ही आती है और आपके अंदर नई ऊर्जा का संचार होता है। वहीं इस दिशा में पैर करके सोने से आपके मस्तिष्क तक उचित ऊर्जा नहीं पहुंच पाती।

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में सिर करके सोना भी अच्छा नहीं होता। दरअसल पृथ्वी में चुम्बकीय शक्ति होती है इसलिए दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती है। उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने पर चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करके सिर तक पहुंचती है, जिससे तनाव बढ़ता है वहीं दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने पर यह पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है।

शयन कक्ष में बेड को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें और उस पर रखा पिलो दक्षिण दिशा में होना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर पैर करके न सोएं, इससे व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मैरिड कपल्स को दक्षिण दिशा में सिर करके सोना चाहिए। न केवल वास्तु बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी दक्षिण दिशा सोने के लिए उत्तम मानी गई है। चुंबकीय ऊर्जा का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की ओर होता है।

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