मजदूरी करने गए चार मजदूरों की हादसे में हुई मौत, राहत कोष से मृतकों के परिजनों को मिलेंगे दो लाख

नेपाल के ईलाम जिले में शुक्रवार की शाम हुए भूस्खलन के मलबे में दबने से बिहार के किशनगंज जिले के चार मजदूरों की मौत हो गई। सभी सीमावर्ती दिघलबैंक प्रखंड के बैरबन्ना गांव के रहने वाले थे। ये लोग छह महीने पहले मजदूरी करने ईलाम गए थे।

मरने वालों में बैरबन्ना निवासी मु. इकरामुल के पुत्र तौसीफ आलम, सिराजुल हक के पुत्र मु. अजीमुद्दीन, मैनुल हक के पुत्र अब्दुल हक और अब्दुल रहीम के पुत्र मुजफ्फर आलम शामिल हैं। अब्दुल हक और मुजफ्फर आलम आपस में चचेरा-ममेरे भाई थे।
इस घटना की खबर सुनने के बाद से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चारों युवा थे और परिवार की आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी करने नेपाल गए थे। परिजनों ने बताया कि करीब छह महीने पहले चारों अपने परिचित के साथ मजदूरी करने नेपाल के ईलाम जिले के फिककल गांव गए थे।
परिजनों के अनुसार चारों वे लोग मकान निर्माण कार्य में लगे थे। इसी दौरान भूस्खलन हो गया। चारों मलबे में दब गए। इनके शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। किशनगंज के डीएम श्रीकांत शास्त्री का कहना है कि शवों को लाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द शवों को किशनगंज लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोक
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेपाल में हुए हादसे में बिहार के किशनगंज जिले के रहनेवाले चार लोगों की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि जिन चार लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से अनुग्रह अनुदान के रूप में दिया जाए।





