CM योगी ने कहा- देश फतवे से नहीं, संविधान से चलेगा, इसमें हर समस्या का समाधान है

अगर, हम स्वयं की समृद्धि चाहते हैं तो भारत के समृद्धि की चिंता भी करें। महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यानाथ ने हिंदुत्व को गोरखनाथ मंदिर का वैचारिक अधिष्ठान बनाया था। राष्ट्र धर्म को सभी धर्मों से ऊपर माना था। वे कहते थे सनातन हिंदू धर्म एवं संस्कृति ही भारतीयता है। स्वतंत्रता आंदोलन से चौरी चौरा कांड तक में गोरक्ष पीठ के संतों को आरोपित किया गया। ये घटनाएं प्रमाणित करती हैं कि गोरक्ष पीठ ने उस सन्यासी परंपरा का अनुसरण किया, जिसमें राष्ट्र धर्म को हमारा धर्म कहा गया। राष्ट्र की रक्षा सन्यासी का पहला कर्तव्य है। व्यक्तिगत धर्म से बड़ा राष्ट्र धर्म है।
‘गो-सेवा करके किसान जीरो बजट की खेती करें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-सेवा करके किसान जीरो बजट की खेती की राह पर आगे बढ़ सकते हैं। यदि एक गाय की जिम्मेदारी एक व्यक्ति उठा ले तो 30 एकड़ खेती की खाद मिल सकती है।





