अभी भी विकासशील देशों में करोड़ों गरीब- रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों में 70 करोड़ से अधिक श्रमिक गरीबी में जीवन बसर कर रहे हैं. इस रिपोर्ट के माने तो वर्ष 2017 में प्रतिदिन 3.10 डॉलर प्रति व्यक्ति की आय से खुद को ऊपर नहीं उठा सके. आईएमएफ  की सालाना बैठक के दौरान आईएलओ के महानिदेशक गाय राइडर ने कहा कि  प्रगति की दर धीमी हो गयी है और कई विकासशील देश बढ़ते श्रम बल के साथ इस गति को बनाये रखने में नाकाम रहे हैं.

गाय राइडर ने बताया कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार में फिर से तेजी आने से रोजगार पैदा होने में मजबूती आयी है और वर्ष 2017-19 तीन साल की बढ़ोतरी के बाद के दौरान वैश्विक बेरोजगारी दर में हल्की गिरावट आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि हालांकि विकासशील एवं उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों में बेरोजगारों की लगातार बढ़ती संख्या से इन देशों में रोजगार बाजार की हालात में सुधार अस्थिर रहा है.

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उन्होंने कहा कि आईएलओ का आकलन है कि वैश्विक रूप से 6.7 करोड़ युवक एवं युवतियां बेरोजगार हैं और करीब उभरते हुए एवं विकासशील देशों में 14.5 करोड़ युवा श्रमिक अत्यधिक या अधिक गरीबी में जी रहे हैं. उन्होंने कहा , ‘‘ऑटोमेशन एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी से और चुनौतियां उभरी हैं. इससे पैदा हुए अवसरों के लिए अनूठे नीतिगत समाधान की जरूरत होगी.’’ 

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