तेजस्वी ने रैली में मोदी-नीतीश के बारे में कहा, बिहार की जनता को छलने का काम किया है…
पटना.लालू प्रसाद के बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के साथ छल किया है। इसका गुस्सा उन्हें आरजेडी की रैली में दिखेगा। रैली से पहले तेजस्वी ने दिए इंटरव्यू में दावा किया कि रैली में 25 लाख लोग आएंगे। सरकार इससे परेशान है और वो रैली को रद्द करवाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा होगा नहीं। बता दें कि RJD चीफ लालू यादव रविवार को पटना के गांधी मैदान में भाजपा भगाओ, देश बचाओ की। उनका मकसद अपोजिशन को बीजेपी के खिलाफ एकजुट करना है।

पूछताछ में तेजस्वी के जवाब…
Q. रैली की तैयारी कैसी है, कितने लोगों के आने की उम्मीद है?
A. बिहार में जितनी भी रैलियां हुई हैं, उनमें सबसे बड़ी रैली लालूजी की हुई है। इस बार हम अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ेंगे। इस बार लोगों में नीतीश और मोदी के खिलाफ गुस्सा है। इन लोगों ने बिहार की जनता को छलने का काम किया है। मोदी ने बिहार की जनता से किया वादा पूरा नहीं किया। ये गुस्सा ही 27 अगस्त को पटना में दिखेगा। हाल ही में मैंने दौरा किया है, मुझे उम्मीद है कि इसमें 25 लाख लोग आएंगे। मैं भरोसा दिलाता हूं कि RJD की रैली ऐतिहासिक होगी।
Q. JDU और BJP का आरोप है कि रैली के लिए भाड़े पर लोग लाए जा रहे हैं?
A. इसका पता तो रैली में ही चलेगा कि लोग भाड़े पर लाए गए थे, या फिर नीतीश के धोखे से आक्रोशित होकर आए थे। नीतीश कुमार को इस बात का अंदाजा नहीं होगा कि बिहार की जनता उनके धोखे से कितनी नाराज है। लोग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रही बात भाड़े की भीड़ की, तो फिर सरकार को चैन की नींद सो जाना चाहिए था? बार-बार वो रैली को रद्द करवाने में क्यों लगी हुई है।
Q. आपकी रैली में जो भीड़ आई थी वो क्या थी ?
A. मेरी रैली में आने वाले वो लोग थे, जो वोट और खजाने की डकैती से नाराज थे। महागठबंधन को जो वोट मिले थे, वो पांच साल के लिए मिले थे। बिहार की जनता ने नीतीश को नहीं, महागठबंधन को वोट दिया था। लेकिन, नीतीश ने अपने फायदे के लिए वोट बेच दिए। इससे नाराज लोग ही मेरी रैली में आए। लोगों ने निजी तौर पर मुझसे अपना दुख जाहिर किया। दूसरी वजह, सृजन घोटाले में जो खजाने की चोरी हुई है, उससे भी जनता नाराज है। इस पैसे से डेवलपमेंट होता है, लेकिन नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने पार्टी नेताओं से बिहार का खजाना लुटवाने का काम किया।
Q. कांग्रेस के सीनियर लीडर्स ने खुद को रैली से अलग क्यों कर लिया?
A. नहीं ऐसा नहीं है। सोनिया गांधी बीमार हैं, राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं। प्रियंका गांधी को डेंगू हो गया है, वो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए वो नहीं आ रही हैं। सोनिया ने मैसेज भेजा है। रैली में इसे सुनाया जाएगा। कांग्रेस के दो सीनियर लीडर रैली के लिए ही पटना आ रहे हैं। इसलिए इसका कोई और मतलब नहीं निकालना चाहिए।
Q. आगे की क्या रणनीति है?
A. अभी तो रैली है, इसमें कई सीनियर लीडर आ रहे हैं। वे अपनी बात रखेंगे। लेकिन, एक बात साफ है कि सृजन घोटाले में जब तक सुशील मोदी और नीतीश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक हम चुप नहीं बैठने वाले। ये घोटाला पूरी तरह से नीतीश और सुशील मोदी के इशारे पर हुआ। व्यापमं की तरह इसमें हर दिन लोगों की मौतें हो रही हैं। जो लोग सृजन घोटाले से जुड़े हुए हैं, उनकी हत्या हो रही है। सरकार पूरे मामले को दबाने में लगी हुई है। हम लोग सृजन के दुर्जनों को सजा दिलाने तक आंदोलन करते रहेंगे।
Q. लालू जी को सब पहले से पता था तो नीतीश के साथ गठबंधन क्यों किया?
A. मोदी के पीएम बनने के बाद बिहार में BJP और JDU का गठबंधन टूट गया था। नीतीश लालू जी के पास आए और एक मौका देने के लिए गिड़गिड़ाने लगे। ऐसा ही उन्होंने मुलायम के सिंह यादव के पास जाकर भी किया। लालू जी नीतीश पर भरोसा करने के लिए पहले तैयार नहीं थे। लेकिन, BJP को रोकने के लिए उन्होंने सारा जहर पी लिया और नीतीश से हाथ मिला लिया।
Q. नीतीश ने JDU को तोड़ने का आरोप लगाया है RJD पर?
A. ऐसा है तो भ्रष्टाचार की बात गलत थी? नीतीश पहले ये साफ कर दें कि कौन सी बात सही है। भ्रष्टाचार की, या फिर ये नया आरोप। नीतीश ने बहुत दिनों तक बिहार को बेवकूफ बनाने का काम किया। अब ऐसा होने वाला नहीं। RJD जोड़तोड़ की राजनीति नहीं करती है। ये काम अमित शाह और उनकी टीम करती है। दरअसल, नीतीश ये बातें अपना चेहरा बचाने के लिए कह रहे हैं। उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। अब जनता उनकी बातों में नहीं आने वाली। चार साल और चार सरकारें? इसके लिए कौन दोषी है? ये अपनी फेस वैल्यू के लिए कभी इधर, तो कभी उधर आते-जाते रहे। इनकी अपनी कोई क्रेडिबिलिटी रह ही नहीं गई है।
Q. नीतीश अपने साथी बार-बार क्यों बदल रहे हैं?
A. मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूं। मैंने नीतीश से पूछा था कि आपके अंदर कौन सी आत्मा है? भय की आत्मा है, लालच की आत्मा है, डर की आत्मा है, मोदी जी की आत्मा है, या फिर कुर्सी की आत्मा? इसका जवाब तो सीएम ही देंगे। लोगों से तो तरह-तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं? मैं भी ये जानने की कोशिश कर रहा हूं कि सीएम के अंदर कौन सी अंतरात्मा है, जो वो बार-बार साथी बदल रहे हैं।
Q. अगर आपने इस्तीफा दिया होता तो लोगों में हीरो बन जाते, ऐसा नहीं लगता?
A. गठबंधन बचाने के लिए हम इस्तीफा देने को तैयार थे। इसके लिए कैबिनेट की हर मीटिंग के बाद सीएम से मिले और चर्चा की। लेकिन, वे बार-बार यही कहते रहे कि इस्तीफे की जरूरत नहीं। ये सब मीडिया में चल रहा है और खास ध्यान देने की जरूरत नहीं है। नीतीश ने भी इसे माना कि उन्होंने कभी इस्तीफा नहीं मांगा? अगर किसी के खिलाफ FIR होने पर ही वो दोषी हो जाता है तो फिर सबसे पहले तो नीतीश को ही इस्तीफा देना चाहिए था। उनके खिलाफ तो हत्या का मामला चल रहा है, कोर्ट एक मामले में उन्हें सजा भी सुना चुकी है। डिप्टी सीएम सुशील मोदी के खिलाफ 5 केस चल रहे हैं। बिहार कैबिनेट के 25% लोगों पर केस चल रहा है। इनसे इस्तीफा क्यों नहीं लिया जाता? ये साजिश थी। तेजस्वी बस बहाना था, नीतीश जी को बीजेपी में जाना था और सृजन का पाप छिपाना था।





