रूस-ईरान-तुर्की ने चेताया-सीरिया शांति बहाली प्रयासों को विफल करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे

मॉस्को: रूस, तुर्की और ईरान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे सीरिया में शांति बहाली की उनकी योजना को भंग करने के किसी भी तरह के प्रयासों को सहन नहीं करेंगे. तीनों देशों के विदेश मंत्रियों सर्गेइ लावरोव, मेवुलत कावुसोग्लू और मोहम्मद जवाद जरीफ अस्ताना शांति प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, लावरोव ने शनिवार (28 अप्रैल) को हुई बैठक के दौरान प्रेस को बताया कि रूस, तुर्की और ईरान ने सीरिया में संकट के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं.

 रूस-ईरान-तुर्की ने चेताया-सीरिया शांति बहाली प्रयासों को विफल करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे

इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी, “हमने यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि हम शांति बहाली के लिए हमारे सहयोग को भंग करने के प्रयासों का सामना करेंगे.” रूस और ईरान दोनों ही सीरिया की बशर अल असद सरकार का समर्थन करते हैं, जबकि तुर्की सीरिया के सशस्त्र विपक्ष को अपनी सैन्य मदद देता है. गौरतलब है कि दमिश्क के पास कथित रासायनिक हमले के बाद अमेरिका के नेतृत्व में सीरिया के कथित रासायनिक हथियार कारखानों पर हवाई हमले किए गए थे, जिसे लेकर दमिश्क, मॉस्को और तेहरान ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

सीरिया ने रूसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया तो करारा जवाब देंगे : इजरायल
इससे पहले इजरायली रक्षामंत्री एविगडोर लिबरमैन ने बीते 23 अप्रैल को कहा था कि अगर सीरिया उनकी वायुसेना के खिलाफ रूसी एस-300 मिसाइल का इस्तेमाल करता है तो इजरायल उसे पलट कर करारा जवाब देगा. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लिबरमैन ने हिब्रू भाषी वाईनेट न्यूज साइट को बताया, “एक बात स्पष्ट है, अगर कोई हमारे विमानों को निशाना बनाता है तो हम उसे नेस्तनाबूद कर देंगे.”

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मंत्री ने शीर्ष रूसी अधिकारियों के उस बयान के संबंध में यह टिप्पणी की थी, जिसमें अधिकारियों ने समाचारपत्र कोमरसैंट को बताया कि रूस सीरिया को विमान भेदी रक्षा प्रणाली एस-300 उपलब्ध करा सकता है. लिबरमैन ने कहा था, “रूसी प्रणाली वहां (सीरिया में) हैं और उनका इस्तेमाल हमारे खिलाफ नहीं हो रहा है, और अगर सीरियाई प्रणाली हमारे खिलाफ काम करती है तो हम उसे बर्बाद कर देंगे.”

सीरिया में अप्रैल की शुरुआत में कथित रूप से टी-4 वायुसेना अड्डे पर इजरायली हमले के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. लिबरमैन ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के पास हमसे उलझने का कोई कारण नहीं है और हम भी उनसे कोई लड़ाई नहीं करना चाहते.

 
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