Rohit Shekhar Tiwari Murder case: पोस्टमार्टम के मुताबिक हादसा नहीं बल्कि कत्ल है….

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वो देर रात घर लौटता है. शराब पीता है. फिर अपने कमरे में सोने चला जाता है. इसके बाद सुबह होती है. दोपहर होती है. अब शाम भी ढ़लने लगती है. मगर वो नहीं उठता. आखिरकार घर का नौकर उसे जगाने पहुंचता है. वो उसे उठाने की कोशिश करता है. मगर वो फिर भी नहीं उठता. क्योंकि लाशें जागती नहीं. यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे कद्दावर नेता नारायण दत्त तिवारी के बेटे की मौत की ख़बर कुछ ऐसे ही आई थी. लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसने सबको सन्न कर दिया. पोस्टमार्टम के मुताबिक रोहित शेखर तिवारी की मौत हादसा नहीं बल्कि कत्ल है.

दरअसल, इस मामले में पहले से कुछ झोल नजर आ रहा था. लिहाजा, इस मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी गई है. केस ट्रांसफर होने के बाद क्राइम ब्रांच की एक टीम रोहित शेखर तिवारी के डिफेंस कॉलोनी में मौजूद घर पर जा पहुंची. साथ ही वहां पर सीएफएसएल की टीम भी बुलाई गई है. मौका-ए-वारदात पर छानबीन की जा रही है.

क्राइम ब्रांच रोहित शेखर तिवारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. जानकारी के मुताबिक रोहित के घर में 7 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जिनमें से 2 काम नहीं कर रहे थे. केस की जांच पड़ताल भी अब हत्या के एंगल से की जा रही है. लेकिन एसीपी क्राइम इस केस के बारे में कैमरा पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज

पुलिस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है. जिसके मुताबिक रोहित का मुंह दबाकर उसकी हत्या की गई. हो सकता है कि तकिया रखकर मुंह दबाया गया हो.

रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत गले में रुकावट यानि गला चोक होने से हुई. रिपोर्ट के हिसाब से मुंह किसी चीज़ से दबाया गया. जिसकी वजह से वो सांस नहीं ले पाए. उनका गला भी घोंटा गया. जिससे उनकी मौत हो गई. उनकी मौत का समय 15-16 अप्रैल की दरम्यानी रात 1:30 बजे का है. जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. इसका मतलब ये है कि वो करीब 15 घंटे तक घर में ही मृत पड़े थे.

कैसे हुई थी मौत?

रोहित शेखर तिवारी राजधानी दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में अपनी मां उज्ज्वला तिवारी के साथ रहते थे, जहां वो कमरे में संदिग्ध हालात में पाए गए थे. उन्हें फौरन साकेत मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था. रोहित की मौत पर उनकी मां उज्ज्वला ने कहा था कि उन्हें किसी पर शक नहीं है, ये प्राकृतिक ही है. लेकिन वह इस बात का खुलासा बाद में करेंगी कि रोहित की मौत किन परिस्थितियों में हुई. बाद में उनकी मां ने मौत का कारण डिप्रेशन बताया था.

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया था कि डिफेंस कॉलोनी निवासी रोहित शेखर तिवारी को उनकी पत्नी और मां दक्षिण दिल्ली के मैक्स अस्तपास लेकर गईं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के कारण पुलिस ने जांच शुरू कर की. रोहित शेखर की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था. जहां पांच डॉक्टरों की टीम ने रोहित का पोस्टमार्टम किया. बताया जा रहा है कि पैनल में शामिल सभी डॉक्टरों ने रोहित की मौत को लेकर अलग-अलग राय जाहिर की है. उसी के बाद इस संबंध में बीती रात हत्या का मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई.

हक के लिए लड़ी थी लंबी लड़ाई

गौरतलब है कि एन.डी. तिवारी का निधन बीते साल 18 अक्टूबर को हुआ था. साल 2008 में रोहित शेखर ने अदालत में मामला दायर कर खुद को एन.डी. तिवारी का बेटा बताया था, शुरू में एन.डी. तिवारी ने इस बात से इनकार किया, लेकिन बाद में डीएनए जांच से साबित हुआ कि रोहित, एन.डी.तिवारी के ही पुत्र हैं. इसके बाद एन.डी. तिवारी ने 2014 में 89 साल की उम्र में रोहित शेखर की मां उज्जवला से लखनऊ में शादी की थी.

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