उत्तराखंड में सरकार को मिली राहत, बुझी जंगलों की आग

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देहरादून: इंद्रदेव की नेमत बरसने के साथ ही जंगलों की बेकाबू आग से परेशान राज्य सरकार के साथ ही वन महकमे को आखिरकार राहत मिल गई। हालांकि, पिछले 24 घंटे के दरम्यान आग की 19 घटनाएं सामने आई, लेकिन इन पर काबू पा लिया गया।उत्तराखंड में सरकार को मिली राहत, बुझी जंगलों की आग

बुधवार देर शाम वन विभाग के नोडल अधिकारी (फॉरेस्ट फायर) बीपी गुप्ता ने दावा किया कि श्रीनगर गढ़वाल से लगे जंगल को छोड़ सभी जगह आग बुझ गई है। श्रीनगर में आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मी और ग्रामीण जुटे हुए हैं। पखवाड़ेभर पहले से विकराल हुई जंगल की आग ने सरकार के साथ ही वन विभाग की पेशानी में बल डाले हुए थे। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस फायर सीजन में अब तक दावानल की 1965 घटनाओं में 4223.536 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

आग बुझाने को बड़े पैमाने पर संसाधन झोंकने के बावजूद इसके काबू न आने से परेशान वन महकमा आसमान की ओर मुंह ताक रहा था। आखिरकार इंद्रदेव पसीजे और मंगलवार व बुधवार को हुई बारिश ने विभाग की मुराद पूरी कर दी। बारिश होने के साथ ही वन महकमे के साथ ही आग बुझाने में जुटे कार्मिकों व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बुधवार देर शाम नोडल अधिकारी बीपी गुप्ता ने दावा किया कि अब सभी जगह आग बुझा ली गई है। केवल पौड़ी जिले में श्रीनगर गढ़वाल से लगे जंगल में ही आग की सूचना है। वहां भी इसे बुझाने के प्रयास हो रहे हैं और देर रात तक इस पर काबू पा लिए जाने की संभावना है। 

जंगल की आग (बुधवार तक)

क्षेत्र——————–घटनाएं—प्रभावित क्षेत्र——क्षति 

गढ़वाल—————–901—–2470.9————4760256.5 

कुमाऊं——————619——1248————–2602685 

वन्यजीव संगठन——-71——153.636———-263806 

शिवालिक————–374——-351—————536633.5 

(नोट: क्षेत्र हेक्टेयर और क्षति रुपये में) 

आग से हुई क्षति 81.63 लाख रुपये आंकी गई है 

अब आग से क्षति 04 लोग विभिन्न क्षेत्रों में आग बुझाते वक्त झुलसे 54.7 हेक्टेयर क्षेत्र में दो साल के भीतर हुआ पौधरोपण खाक 585 लीसा घाव (चीड़ के पेड़ों से लीसा निकालने को किए गए घाव) आग से जले 856 पेड़ों को आग से पहुंचा नुकसान.

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