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केरल में बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी, 10 दिन में 197 की मौत

94 साल की सबसे भयानक बाढ़ का सामना कर रहे केरल में जलप्रलय के साथ ही इंसानियत का सैलाब भी देखने को मिल रहा है। राज्य की पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ ही सामाजिक संस्थाएं लोगों के बचाव और राहत में जीजान से लगे हुए हैं।
वहीं तीनों सेनाओं और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवान गुमनाम हीरो बनकर लोगों के चेहरों पर खुशी लाने में जुटे हैं। विभिन्न राज्य सरकारों के साथ ही अमीर, गरीब, नेता, अभिनेता यहां तक छोटे-छोटे बच्चे अपनी-अपनी तरह से मदद को आगे आ रहे हैं। दुनिया के कई देशों खासकर खाड़ी देशों ने भी आर्थिक सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। 

राज्य में अगले पांच दिन तक बारिश नहीं होने की संभावना से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। रविवार को राज्य के सभी 14 जिलों से रेड अलर्ट हटा लिया गया। हालांकि, अब भी 11 जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए केरल के राज्यपाल पी. सदाशिवम और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से रविवार को बात की।

राज्य में सदी की सबसे भीषण आपदा में 8 अगस्त से अब तक 197 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 43 मौत इडुक्की जिले में हुई है। 6.33 लाख लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। केंद्र ने सूबे में 3757 स्वास्थ्य शिविर शुरू कर दिए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि केरल में पिछले दो दिन से बारिश में कमी आई है। विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि रविवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई लेकिन अगले पांच दिन सूबे में बारिश की संभावना नहीं है।

एनडीआरएफ ने बताया कि रविवार को 15,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। पुलिस, नौसेना, वायुसेना, सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव में जुटी हैं। वहीं 26 अगस्त तक कोच्चि एयरपोर्ट बंद रखा गया है।

नर्स पत्नी ने निपाह में गंवाई जान, पति ने किया एक माह का वेतन दान

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए उन लोगों ने भी हाथ बढ़ाए हैं जो खुद दया के पात्र हैं। पिछले साल निपाह वायरस से जिस नर्स की मौत हो गई थी, उसके पति ने अपनी एक माह की तनख्वाह दान कर दी है। चार साल से साइकिल खरीदने के लिए पैसे जोड़ रही एक मासूम ने 9000 रुपये का दान किया। एनडीआरएफ का एक जवान बाढ़पीड़ितों को सुरक्षित बोट में चढ़ाने के लिए खुद गहरे पानी में झुककर सीढ़ी बन गया। 600 रुपये की वृद्धा पेंशन पाने वाली 60 वर्षीया रोहिणी ने एक हजार रुपये राहत कोष में दिए। 

रेलवे मुफ्त पहुंचाएगा राहत सामग्री

रेलवे ने दिशानिर्देश जारी कर कहा है कि सभी सरकारी संगठनों और निजी संस्थानों की ओर से केरल भेजी जा रही राहत सामग्री के लिए किसी तरह की ढुलाई नहीं ली जाएगी। वहीं, रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने केरल को 10 करोड़ रुपये और जम्मू-कश्मीर सरकार ने दो करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। गोवा के जल संसाधन मंत्री विनोद पलयेकर ने एक माह का वेतन दान किया है। पुड्डुचेरी के सीएम ने राज्य के सभी विधायकों और सांसदों से अपना एक माह का वेतन दान करने का आग्रह किया है। तेलंगाना ने बच्चों के लिए 52 लाख रुपये से अधिक के पोषाहार भेजे हैं।

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