वाराणसी.बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में हुए बवाल पर राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। रविवार को यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर समर्थकों के साथ पीड़ित लड़कियों से मिलने और पीस मार्च में शामिल होने बीएचयू जा रहे थे। लेकिन गिलट बाजार बाइपास पर ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद वो सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। समर्थकों ने योगी-मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए। भीड़ को बढ़ता देख पुलिस ने राज बब्बर, कांग्रेस नेता अजय राय और पीएल पुनिया समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। दूसरी ओर, इस मामले में शाम को पुलिस ने बीएचयू में बिरला हॉस्टल के पास से 16 छात्रों को अरेस्ट किया है। दहशत के कारण लंका क्षेत्र की सभी दुकानें बंद हैं।
आगे पढ़िए राज बब्बर ने क्या कहा…
-बातचीत में राजबब्बर ने बताया, बीएचयू में बेटियों के ऊपर 23 सितंबर की अर्धरात्रि को हुआ लाठीचार्ज शर्मनाक है। 24 सितंबर को पूरी दुनिया डॉटर्स डे मनाती है। हर पिता अपनी बेटियों के लिए शुभ कामना करता है, लेकिन जैसे ही यह दिन शुरू हुआ प्रधानमंत्री ने यहां लाठीचार्ज करवा दी।
-जिस क्षेत्र के सांसद पीएम हैं उन्हें रास्ता बदलना पड़ा तो यहां कैसा सुशासन है। पीएम ने अपना नारा ”बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ” के जगह यहां बेटियों को सेल्फी विथ डॉटर का उपहार दिया कि हाथ तुड़वाओ-पैर तोड़वाओ लेकिन मेरे साथ फोटो खिचवाओ।
-उन्होंने कहा, बीएचयू के इस जघन्य घटना के दोषी वीसी को बर्खास्त करके 307 मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। आज मैं लाठीचार्ज में घायल बेटियों को देखने जा रहा था, लेकिन यहां का प्रशासन मुझे मेरे साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
-पीएम और सीएम की मौजूदगी में हुई इस दुःखद घटना ने भारतीय जनता पार्टी की महिलाओं के प्रति सुरक्षा, सम्मान और प्रदेश में ध्वस्त कानून-व्यवस्था की कलई खोल दी है।
-राज बब्बर ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ट्विटर-फेसबुक एक्सपर्ट का कोई भी कमेंट बेटियों के लाठीचार्ज पर नहीं आया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा केंद्र और यूपी सरकार ने मानो बदलकर बेटी पीटो और बेटी को भगाओ कर दिया है।
सपा के 8 सदस्यीय टीम 25 सितंबर को जाएगी वाराणसी
-बता दें, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बीएचयू में स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज की जांच के लिए 8 सदस्यों की टीम गठित की गई है। 25 सितंबर को वाराणसी के लिए रवाना होगी।
-पार्टी की यूथ विंग छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव जांच रिपोर्ट तैयार कर 26 सितंबर को अखिलेश यादव को प्रस्तुत करेंगे।
शुक्रवार से धरने पर बैठी हैं गर्ल्स स्टूडेंट
– बता दें, बीएचयू की गर्ल्स स्टूडेंट्स शुक्रवार सुबह से ही बीएचयू के मेन गेट पर प्रोटेस्ट कर रही हैं। उनका आरोप है कि छेड़खानी की शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
– दरअसल, गुरुवार की रात बीएचयू कैंपस में भारत कला भवन के पास ऑर्ट्स फैकेल्टी की एक गर्ल स्टूडेंट के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की थी। शोर मचाने पर भी 20 मीटर दूर खड़े सिक्युरिटी गार्ड्स ने कोई मदद नहीं की थी। – विक्टिम ने हॉस्टल में आकर वार्डेन से शिकायत की। इसके साथ ही उसने चीफ प्रॉक्टर को भीसूचना दी। इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।
– बवाल शनिवार-रविवार रात को भी नहीं थमा। स्टूडेंट्स पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद हालात और भी बिगड़ गए। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे यूनिवर्सिटी के लड़के-लड़कियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और टू-व्हीलर्स फूंक दिए।
-मामला बढ़ने पर भारी पुलिस फोर्स बीएचयू कैंपस में घुस गई और हंगामा कर रहे स्टूडेंट्स को आने से रोका। वहीं, उपद्रव कर रहे स्टूडेंट्स को खदेड़ने के लिए पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई। लाठीचार्ज और भगदड़ में तीन स्टूडेंट जख्मी हुए हैं। फिलहाल बीएचयू छावनी में तब्दील हो गया है। भारी संख्या में पुलिस कैंपस और बीएचयू गेट पर मौजूद है।