कोरोना काल में लापरवाह अस्पताल पर नकेल कसने की तैयारी कर रही: मोदी सरकार

कोरोना संकट से पूरा देश जूझ रहा है और कई जगहों पर मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है. किसी अस्पताल में बेड न होने की शिकायत है तो कोई जानबूझकर इलाज नहीं कर रहा है.

केंद्र सरकार ने ऐसे लापरवाह अस्पताल पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. केंद्र सरकार हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के लिए चयनित अस्पतालों को हिदायत दी गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीजीएचएस के लिए चयनित अस्पतालों को चेतावनी दी है कि अगर वे कोरोना मरीज या अन्य मरीजों का इलाज करने से मना करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को इलाज न मिल पाने की खबरों के बाद यह चेतावनी जारी की है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस मामले की समीक्षा की गई है और राज्य सरकारों द्वारा चिन्हित कोरोना अस्पतालों के साथ ही नॉन-कोविड अस्पताल को मरीजों का इलाज करने की चेतावनी दी गई है. सभी अस्पताल योजना के मानदंडों के अनुसार सीजीएचए लाभार्थियों को इलाज की सुविधा देंगे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमने सीजीएचएस के लिए चिन्हित अस्पताल, जो कोरोना का इलाज नहीं कर रहे हैं, उन्हें सीजीएचएस के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा देने की गाइडलाइन जारी की है. कोई भी अस्पताल मरीज को मना नहीं कर सकते और तय मानदंडों के अनुसार ही फीस लेंगे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा किअगर कोई भी अस्पताल सीजीएचए लाभार्थियों का इलाज करने से मना करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

एक अधिकारी ने कहा कि सीजीएचएस योजना में वर्तमान में लगभग 36 लाख लाभार्थी और 12 लाख कार्ड धारक हैं.

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