प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी के पंद्रहवें दौरे पर 12 नवंबर को आएंगे। इस दौरान काशीवासियों को एक हजार करोड़ से अधिक रुपये का दीपावली का उपहार देंगे। इसमें रिंग रोड, रामनगर मल्टी मोडल टर्मिनल, बाबतपुर फोरलेन का लोकार्पण होगा।
सूत्रों की मानें तो इसके अलावा रामनगर में डेरी फूल प्रोजेक्ट, एसटीपी, सीवर लाइन कनेक्शन, जलसंपूर्ति, सौभाग्य, दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन आदि के लोकार्पण शिलान्यास का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
रिंग रोड, बाबतपुर फोरलेन, रामनगर मल्टी मोडल टर्मिनल की अधिकारियों की आवाजाही बढ़ गई है। तीनों जगहों पर फीनिशिंग का काम चल रहा है। इसके बाद पीएम के हाथों लोकार्पण की पूरी तैयारी है। लाइट और पेंटिंग का काम जोरों पर चल रह है।
इन तीन प्रमुख योजनाओं की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री ने यहां का सांसद बनने के बाद 2014 से 15 के बीच की थी। जो अब पूरी होने वाली है। यह पहला मौका होगा जब किसी बड़ी परियोजना का शिलान्यास की घोषणा और लोकार्पण किसी सांसद ने बतौर प्रधानमंत्री किया।
रिंग रोड
वाराणसी रिंग रोड प्रथम चरण में संदहा से हरहुआ तक 16 किमी है। गाजीपुर के संदहा से आजमगढ़ को मुख्य मार्ग को क्रॉस कर जौनपुर के हरहुआ के पास तक बनाई है। 261.09 करोड़ रुपये की योजना है। इससे कैंट पर लगने वाले जाम से काफी राहत मिलेगी। जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ से दूसरे जिलों को जाने वाली गाडि़यों को कैंट होकर जाना पड़ता था। इन मार्गों से आने वाले वाहनों को दूसरे जिलों तक जाने में अब आसानी हो जाएगी।
बाबतपुर फोरलेन
17.5 किमी बाबतपुर फोरलेन पर एक फ्लाईओवर भी है। इसे अभी चालू नहीं किया गया है, जबकि फोरलेन के कुछ हिस्सों पर गाडि़यां चल रही हैं। 812 करोड़ रुपये की इस योजना के पूरे होने से बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर आने वाले पर्यटकों को जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। आने वाले दिनों जब फुलवरिया फोरलेन का काम पूरा हो जाएगा तो बाबतपुर से बीएचयू जाने के लिए यह काशी की रफ्तार को और बढ़ा देगी। फिलहाल अभी कैंट, कचहरी होकर लोगों को शहर में आना पड़ेगा।
रामनगर मल्टी मोडल टर्मिनल
हल्दिया से वाराणसी तक आईडब्ल्यूटी मल्टी मोडल टर्मिनल रामनगर की 206 करोड़ रुपये है। इससे जलमार्ग के जरिए सामान आने और जाने में काफी आसानी होगी। इससे आने वाला मालभाड़ा सड़क मार्ग से आने वाले मालभाड़े से कम होगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह योजना काशी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगी। यहां से हल्दिया तक जाने वाले मार्ग में जगह जगह सामान उतारने के लिए सेंटर बनाए जाएंगे। पूर्वांचल में काशी मुख्य सेंटर होगा जहां से माल चढ़ाया और उतारा जाएगा।