Home > राजनीति > कर्नाटक चुनाव : 1994 जैसी जीत दोहराने की राह पर पूर्व पीएम देवगौड़ा

कर्नाटक चुनाव : 1994 जैसी जीत दोहराने की राह पर पूर्व पीएम देवगौड़ा

कर्नाटक की सियासत में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा जेडीएस का प्रमुख चेहरा होने के साथ-साथ राज्य के सबसे बुजुर्ग नेता भी हैं. 85 वर्षीय पूर्व पीएम और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा के लिए इस बार का कर्नाटक विधानसभा चुनाव अस्तित्व बचाने का सवाल लेकर खड़ा है. इसीलिए वे इस चुनाव में लगातार सक्रिय हैं. देवगौड़ा एक बार फिर 1994 के विधानसभा चुनाव जैसी जीत दोहराने की कोशिश में है. बता दें कि1994 में जनता दल ने कुल 224 विधानसभा सीटों में से 113 सीटें जीती थीं.कर्नाटक चुनाव : 1994 जैसी जीत दोहराने की राह पर पूर्व पीएम देवगौड़ा

राज्य विधानसभा चुनाव में देवगौड़ा बसपा, एनसीपी के साथ मिलकर और ओवैसी के समर्थन के सहारे कर्नाटक की राजनीतिक लड़ाई जीतने की जुगत में है. देवगौड़ा ने अपने मूलवोट बैंक वोक्कालिगा समुदाय के साथ-साथ दलित और मुस्लिम को एक साथ साधने के लिए इस समीकरण को बनाया है. वे खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उनके दोनों बेटे चुनावी मैदान में हैं.

देवगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री और कनार्टक राज्य के 14वें मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने सहकारी समिति के मुखिया और बाद में तालुक विकास बोर्ड सदस्य के तौर पर राजनीतिक जगत में जगह बनाई. इस तरह से विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बने. 1996 में संयुक्त मोर्चा की सरकार में वो प्रधानमंत्री बने और करीब 11 महीने के बाद उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था.

देवगौड़ा का जन्म 18 मई 1933 को कनार्टक के हासन जिले के होलनरसिपुर तालुक में हरदनहल्ली गांव में हुआ था. वह किसान परिवार से संबंध रखते हैं और उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है. 20 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस पार्टी से 1953 में की, लेकिन 1962 में पार्टी छोड़ दी. इसी साल निर्दलीय रूप चुनाव मैदान में उतरे देवगौड़ा होलनरसिपुर सीट से विधायक बने. इसके बाद 1967, 1972, और 1976, 82 में लगातार चार बार विधायक बने. आपातकाल के दौरान 18 महीने जेल में भी रहे.

कर्नाटक में जनता पार्टी की सरकार में लोकनिर्माण और सिंचाई मंत्री भी रह चुके हैं. 1989 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 1991 में वह हासन संसदीय क्षेत्र से संसद के लिए निर्वाचित हुए और दो बार जनता दल के नेता बने.

1994 में देवगौड़ा के नेतृत्व में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनता दल पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में विराजमान हुई और वे मुख्यमंत्री बने. दो साल के बाद ही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली और केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार बनी तो वे प्रधानमंत्री बने और 21 अप्रैल 1997 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

Loading...

Check Also

मध्यप्रदेश में चढ़ेगा सियासी पारा, आज प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी करेंगे चुनावी सभाएं

मध्यप्रदेश में चढ़ेगा सियासी पारा, आज प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी करेंगे चुनावी सभाएं

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com