पाकिस्तान का हाफिज सईद पर एक्शन बस एक दिखावा, ये है हिडेन एजेंडा

पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकी कार्रवाई करने से बाज नहीं आ रहा है. हालांकि, अमेरिका और भारत के दबाव में आकर उसने हाल ही में मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज़ सईद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. पाकिस्तान ने हाफिज़ के संगठन जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगाया है. लेकिन इसके पीछे भी पाकिस्तान का एक एजेंडा छुपा है, जिसके जरिए वह भारत और अमेरिका की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है.

क्या है पाकिस्तान का हिडन एजेंडा?

दरअसल, जल्द ही पेरिस में आतंकवाद को आर्थिक मदद के मुद्दे पर बहुत बड़ी बैठक होने वाली है. भारत और अमेरिका की कोशिश है कि इस बैठक में पाकिस्तान को घेरा जाए. दोनों देशों की कोशिश है कि एफएटीएफ की सूची में पाकिस्तान का नाम शामिल हो जाए. और दुनिया के सामने यह सच आए कि पाकिस्तान आतंकवाद का खुलेआम समर्थन करता है और आतंकवादियों को फंडिंग भी करता है.

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अमेरिका भी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की सालाना बैठक के जरिए भी पाकिस्तान पर शिकंजा कस सकता है. ये बैठक 18 से 23 फरवरी को होगी. यही कारण है कि पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई कर रहा है.  

आपको बता दें कि इससे पहले भी पाकिस्तान को 2012 में एफएटीएफ की सूची में डाला गया था. उस दौरान पाकिस्तान करीब 3 साल तक इस लिस्ट में रहा था.

पाकिस्तान ने लिया बड़ा एक्शन

अमेरिका और भारत के दबाव में आकर पाकिस्तान आतंकवादियों के खिलाफ कड़े एक्शन लेने को मजबूर हो गया है. पाकिस्तान ने एक फैसला किया है जिससे मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज़ सईद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा तथा तालिबान जैसे संगठनों पर लगाम लगाना है.  

लगाई थी खूब फटकार

डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को ‘झूठ और धोखे’ के सिवाए कुछ न देने की बात कही थी. साथ ही ट्वीट में लिखा था कि पिछले 15 सालों में 33 अरब डॉलर की सहायता देने के बदले में पाकिस्तान ने आतंकवादियों को ‘पनाह’ देने का काम किया है. ट्रंप के इस ट्वीट के बाद ही अमेरिका का एक्शन सामने आ गया और फंड पर रोक लगा दी गई थी.

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