एक बार फिर खुले सबरीमाला के कपाट, हिंदू संगठनों की अपील- न भेजें महिला पत्रकार

भारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को 24 घंटे के लिए सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने वाले हैं। मंदिर के कपाट एक विशेष प्रार्थना के लिए खोले जाएंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद कई महिला भक्त भगवना अयप्पा के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंची थी लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें दर्शन करने से रोक दिया था। कई हिंसक घटनाएं भी हुई थी और पत्रकारों पर पथराव किया गया था। इसी को देखते हुए पथानमिट्टा के जिलाधिकारी ने सन्निधाम, पंबा, निलक्कल और एलावुंकल में 4-6 नवंबर के बीच धारा 144 को लागू की हुई है।
सबरीमाला मंदिर के द्वार खुलने से पहले निलक्कल बेस कैंप में श्रद्धालु जमा होने शुरू हो गए हैं। कैंप के इंचार्ज मंजूनाथ एक ने कहा, ‘यहां पर्याप्त मात्रा में पुलिसबल तैनात हैं। हम भक्तों की गतिविधियों को नहीं रोक रहे हैं।’ राज्य सरकार ने भी सुरक्षा के भारी इंतजाम किए हुए हैं। इसी बीच मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों को पत्र लिखकर महिला पत्रकारों न भेजने की अपील की है।
सबरीमाला कर्म समिति ने रविवार को संपादकों को पत्र लिखकर कहा कि महिला पत्रकारों के अपने काम के सिलसिले में मंदिर में प्रवेश करने से स्थिति बिगड़ सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर आप ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे, जिससे हालात बिगड़ें। सबरीमाला कर्म समिति दक्षिणपंथी संगठनों का संयुक्त मंच है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी भी शामिल हैं। समिति मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रही है।
बता दें कि पिछले महीने 17 से 22 अक्तूबर तक मंदिर के कपाट खुले थे। जिसकी वजह से मंदिर और उसके आस-पास काफी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। अभी तक 3505 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जिन्होंने राज्य में हिंसा फैलाई थी। वहीं राज्यभर में 529 मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से हिंसा करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।





