सावन के पहले प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर अर्पित करें विशेष चीजें

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव की और मां पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मत कि ऐसा करने से जातक की सभी मुरादें जल्द पूर्ण होती हैं। इस दिन शिवलिंग की उपासना करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं शिवलिंग पूजा से मिलने वाले लाभ के बारे में।

शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें (Shivling Puja)

प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर महादेव की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान शिवलिंग पर घी, शहद, दूध, दही और गंगाजल अर्पित करना अधिक शुभ माना जाता है। व्रत में शिव जी को घी, शक्कर और गेहूं के आटे से बनी चीजों का भोग लगाएं। ऐसा करने से साधक को आरोग्य की प्राप्ति होती है।

ऐसे होगी समृद्धि की प्राप्ति

अगर आप जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन विधिपूर्वक शिव जी की पूजा करें और शिवलिंग पर केसर चढ़ाएं। इसके अलावा घर की दरिद्रता को दूर करने के लिए शिवलिंग पर शक्कर अर्पित करें। इससे साधक को शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।  

सभी समस्याएं होंगी दूर

सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान सुपारी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आप प्रदोष व्रत पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर सुपारी अर्पित करें। इससे जातक के जीवन में जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो सकती हैं।

कैसे करें अर्पित

पूजा के समय साधक का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। इस दिशा को पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। अब पंचाक्षर मंत्र का जप कर जल अर्पित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जल चढ़ाते समय धारा टूटनी नहीं चाहिए। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए तांबे, चांदी और कांसे के पात्र का इस्तेमाल करना चाहिए। 

गुरु प्रदोष व्रत 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Guru Pradosh Vrat 2024 Date and Shubh Muhurat)

सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 01 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 02 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत पर संध्याकाल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए गुरुवार 01 अगस्त को सावन माह का पहला प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

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