केजरीवाल की माफी पर आप में शुरू हुई बगावत, भगवंत मान का इस्तीफा

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अरविंद केजरीवाल के बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगने पर आम आदमी पार्टी की पंजाब ईकाई विद्रोह पर उतर आई है। आप विधायकों ने जहां इसका विरोध किया है वहीं राज्य में पार्टी के कद्दावर नेता भगवंत मान ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

राज्य में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने जहां केजरीवाल के फैसले पर हैरानी जताई है वहीं, पार्टी के एक और विधायक कंवर संधू ने कहा है कि ड्रग के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। इनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर तंज कसा है।

कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कविता लिखी है, ‘एकता बांटने में माहिर है, खुद की जड़ काटने में माहिर हैं, हम क्या उस शख्स पर थूकें जो खुद, थूक कर चाटने में माहिर है !’

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वहीं नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने ट्वीट किया है कि केजरीवाल का फैसला अप्रत्याशित है और इस स्तर के नेता का इस तरह से सरेंडर करना ठीक नहीं है। मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं। नशे के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

खरड़ से आप विधायक कंवर संधू ने भी ट्वीट किया है कि केजरीवाल के फैसले से नशे की खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी। जब आप कोई स्टैंड लेते हैं तो उस पर कायम रहना होता है, मैं भी मानहानि के केस का सामना कर रहा हूं। दोनों नेताओं ने कहा है कि केजरीवाल ने उनसे कोई विचार-विमर्श किए बिना ही फैसला कर लिया, इस फैसले से पार्टी की प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचेगा।

केजरीवाल पहले भी मांगते रहे हैं माफी

मजीठिया का मामला पहला नहीं है जिसमें केजरीवाल ने माफी मांगी है। इससे पूर्व भी कई बार अपने किए पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी है।

-केजरीवाल ने 2014 में बेईमान नेताओं की लिस्ट जारी कि थी। इसमें भाजपा और एनसीपी नेताओं के भी नाम शामिल थे। इस लिस्ट में भाजपा नेता नितिन गडकरी का भी नाम था। जिसके बाद उन्होंने केजरीवाल को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने तीन दिन के भीतर माफी नहीं मांगी तो वह उन पर मानहानि का केस करेंगे। बाद में केजरीवाल ने गडकरी से मिलकर खेद प्रकट किया था।

-जुलाई 2016 में अमृतसर में गुरुघर में हुई गलती के लिए उन्होंने माफी मांगी और प्रायश्चित किया। दिल्ली के सीएम ने श्री हरिमंदिर साहिब में डेढ़ घंटे बिताया। इस दौरान उन्होंने अरदास की और लंगर के बाद बर्तन साफ किए।

-दिल्ली पुलिस के जवानों के लिए एक साक्षात्कार के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अपमानजनक शब्द का उपयोग किया था जिसके बाद भी उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।

-49 दिनों तक शासन करने के बाद 2013 में इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद पार्टी की चारों ओर आलोचना हो रही थी। उनको इस गलती का एहसास हुआ और उन्होंने दिल्ली की जनता से माफी मांगी।

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