पीएम आवास योजना में ग्रामीणों को अब 75 हजार की जगह मिलेगी 1.30 लाख की राशि

सासाराम (बिहार).गरीब महिलाओं को खाना बनाने के दौरान धुएं से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने उज्जवला योजना शुरू की। उन्हें मुफ्त में गैस कनेक्शन व चूल्हा दिए गए। मगर, जहां-तहां व जैसे-तैसे इसके इस्तेमाल को लेकर पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस विभाग ने सिलेंडर के इस तरह इस्तेमाल पर खतरे की आशंका जताई। इस खतरे को दूर करने के लिए सरकार गरीबों के आवास में किचन की व्यवस्था करेगी।
पीएम आवास योजना में ग्रामीणों को अब 75 हजार की जगह मिलेगी 1.30 लाख की राशि
ताकि, गरीब महिलाएं गैस का इस्तेमाल करते समय परेशान न हो और सुरक्षित भी रहें। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाइ) के तहत बीपीएल परिवारों के लिए बनने वाले आवास के साथ अब अलग से स्लैब भी बनाया जाएगा। ताकि, इसपर चूल्हा रखा जा सके। साथ ही इसके नीचे गैस सिलेंडर। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने डीएम व डीडीसी को पीएमएवाइ के तहत बनने वाले आवास में स्लैब निर्माण सुनिश्चित कराने को कहा है।

एक मीटर ऊंचा होगा स्लैब

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभाग के अनुसार चूल्हे को जमीन से एक मीटर ऊंची जगह पर रखा जाना है। इसे देखते हुए एक मीटर ऊंचा, 86 सेमी लंबा व 55 सेमी चौड़ा स्लैब का निर्माण किया जाएगा। अभी तक इंदिरा आवास योजना तहत बन रहे आवास में गरीबों को किचन की सुविधा नहीं मिल रही थी। सिर्फ कमरा खड़ा कर दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। गरीबों के घर में किचन का निर्माण होगा। इसकी कवायद सरकार के स्तर से शुरू हो गई है। मकान निर्माण के बाद अधिकारी देखेंगे कि किचन का निर्माण हुआ है या नहीं। अगर नहीं हुआ तो अधिकारी लाभुकों पर कार्रवाई करेंगे।

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बीपीएल परिवारों को मिलेगा लाभ

इस संबंध में डीडीसी हाशिम खां ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार द्वारा अब बीपीएल परिवार को आवास के साथ रसोईघर निर्माण की राशि भी दी जाएगी। आवास के साथ रसोई बन जाने से महिलाओं को खाना बनाने में सुविधा होगी। इतना हीं नहीं अगर अगर निर्माण के दौरान बीपीएल परिवार का कोई भी सदस्य मजदूरी करेगा तो उन्हें मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी की राशि भी दी जाएगी।

पहले मिलता था 75 हजार अब मिलेगा एक लाख तीस हजार

बीपीएल कार्ड धारकों को पहले आवास बनाने के लिए 75 हजार रुपये हीं मिलता था। लेकिन सरकार ने अब आवास के साथ रसोईघर बनाने की योजना भी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत अब लाभुकों को आवास व रसोईघर बनाने के लिए एक लाख तीस हजार रुपये दिया जा रहा है। अब गरीब महिलाओं को खाना बनाने में सुविधा होगी।

95 दिन की मनरेगा की मजदूरी भी मिलेगी

आवास व रसोईघर के निर्माण के दौरान लाभुक मजदूरी करके भी पैसा कमा सकता है। काम के बदले 95 दिन की मनरेगा की मजदूरी दी जाएगी। आवास व रसोई की निर्माण पूरी हो जाने के बाद संबंधित प्रखंड के बीडीओ मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी को वेतन भुगतान के लिए अनुशंसा करेंगे। लाभुक अगर अपने घर के निर्माण में मेहनत करते हैं, तो उन्हें मेहनताना के रूप में 177 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 95 दिनों की मजदूरी की राशि 16 हजार आठ सौ पंद्रह रुपये दी जाएगी।
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