नेशनल हेराल्ड हाउस जब्त के लिए नोटिस हुई जारी, राहुल व सोनिया गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर विभाग के जुर्माना लगाने के बाद यंग इंडिया कंपनी के मुख्यालय हेराल्ड हाउस पर जब्ती की तलवार लटक गई है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इस संबंध में एक नोटिस जारी कर बिल्डिंग खाली करने को कहा है। माना जा रहा है कि मंत्रालय की इस कार्रवाई से कांग्रेसी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती है।नेशनल हेराल्ड हाउस जब्त के लिए नोटिस हुई जारी, राहुल व सोनिया गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें

सूत्रों ने बताया कि शहरी विकास मंत्रालय ने यह नोटिस दो दिन पहले जारी किया है। मंत्रालय का यह कदम मामले की एक जांच रिपोर्ट के बाद उठाया है, जिसमें पाया गया कि हेराल्ड हाऊस का आवंटन राजधानी दिल्ली के आईटीओ स्थित प्रेस एंक्लेव में जिस उद्देश्य के लिए किया गया था, उसके लिए उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। दरअसल, वहां समाचार पत्र प्रकाशित करने के लिए इसका आवंटन किया गया था, लेकिन पिछले 10 सालों से ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसमें आवंटन नियमों का उल्लंघन किया गया है।

जांच में यह भी पाया गया कि पिछले आठ सालों से बिल्डिंग के स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडिया ने इसे किराये पर उठा रखा है। इससे उसे हर महीने 80 लाख रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हो रही है। बिल्डिंग के दो तल पासपोर्ट सेवा केंद्र को किराये पर दिये गये हैं। इसी के आधार पर आयकर विभाग ने करोड़ों रुपये का जुर्माना लगा रखा है।

शहरी विकास मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दो महीने पहले मंत्रालय के आला अफसरों की एक जांच टीम ने नेशनल हेराल्ड हाउस का मुआयना किया था। जांच में पाया गया कि पिछले 10 सालों से इस इमारत से अखबार प्रकाशन की कोई गतिविधि नहीं हो रही है। हेराल्ड हाऊस के लिए 1950 के दौरान बहुत ही रियायती दर पर समाचार पत्र के प्रकाशन के लिए जमीन का आवंटन पट्टे पर किया गया था। प्रेस एंक्लेव के बाबत अन्य मीडिया संगठनों को भी जमीन का आवंटन किया गया था।

इसी तर्ज पर नेशनल हेराल्ड को देश के दूसरे बड़े शहरों में भी जमीनों का पट्टा आवंटन किया गया है। बहुत ही सस्ती दरों पर लखनऊ, पटना, मुंबई, पंचकूला, भोपाल और इंदौर में जमीन दी गई थी। इन सभी मामलों की जांच विभिन्न राज्यों में वहां की सरकारें अपने स्तर पर कर रही हैं।

इनकम टैक्स जांच मामले में भी राहुल गांधी को HC से नहीं मिली राहत

यंग इंडिया कंपनी की जांच इनकम टैक्स द्वारा कराए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि उन्हें हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। राहुल गांधी ने कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने कहा कि राहुल गांधी ने यंग इंडिया की डायरेक्टरशिप से खुद को अलग नहीं किया है। वहीं, राहुल गांधी के वकील ने कहा कि जब इसकी इनकम ही नहीं है, तो टैक्स भी नहीं बनता।

यहां पर बता दें कि मई महीने में नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को तब झटका लगा था, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने यंग इंडिया कंपनी की जांच इनकम टैक्स द्वारा कराए जाने को हरी झंडी दी थी। हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि कंपनी को अपने दस्तावेज इनकम टैक्स को सौंपने ही होंगे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि इनकम टैक्स विभाग को जांच करने का अधिकार है। गौरतलब है कि यंग इंडिया कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कुल 76 फीसद हिस्सेदारी है।

यह है पूरा मामला

भारतीय जनता पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की संपत्तियों का गलत ढंग से इस्तेमाल कर रहा है। भाजपा नेता इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए थे। इसके बाद लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे, तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है।

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