माना जा रहा है कि किम जोंग के इस फैसला की वजह उनकी चीन की यात्रा है. सत्ता संभालने के बाद वह पहली बार पिछले महीने चीन गए थे. इस दौरान चीन के राष्ट्रपति से उनकी रणनीतिक मुलाकात हुई है. यही नहीं किम की यात्रा के बाद नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री रूस की यात्रा पर गए थे. ऐसे में कहा जा सकता है कि नॉर्थ कोरिया दुनिया के दूसरे शक्तिशाली देशों से अपने रिश्ते बेहतर करना चाहता है.