गुरुवार को मिली जानकारी के मुताबिक मोतिहारी के एनएच-28 पर कोटवा क्षेत्र में बंगरा के पास बस पलट गई थी. बस के पलटते ही उसमें आग लग गई थी. लेकिन 27 लोगों के झुलसने की बात सही नहीं थी. पहले दावा किया गया था कि बस में 32 लोग सवार थे, जिसमें से पांच लोगों को ही बाहर निकाला जा सका था. बताया जा रहा था कि पलटने के बाद बस के एसी में आग लग गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की थी. उन्होंने इस घटना को काफी दुखद बताया था. मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में नीतीश ने कहा कि इस दुर्घटना में मारे गए बिहार के लोगों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक मदद उपलब्ध करायी जाएगी, लेकिन मामले की विस्तृत जांच के बाद पाया गया कि हादसे में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है.

बस में सवार लोगों की संख्या की नहीं थी जानकारी

पटना के ज्ञान भवन में परिवहन विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान ही घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने एक मिनट का मौन रखकर दुर्घटना में मारे गये लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि एवं संवेदना व्यक्त की थी. आपदा प्रबंधन मंत्री यादव ने बताया था कि पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस के एक मोटरसाइकिल को बचाने के क्रम में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट जाने से उसमें सवार 27 लोगों की मौत की सूचना है. उन्होंने बताया था कि जिलाधिकारी जो कि घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं, उनसे फोन पर बात नहीं हो पायी है लेकिन जिले से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे में 27 लोगों के मरने की आशंका है. बस में 32 लोगों के सवार होने की सूचना मिली थी.

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हालांकि दिनेश ने गुरुवार को बताया था कि इस हादसे के बारे में विस्तार से जिलाधिकारी से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट को सही माना जाएगा. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधानसचिव प्रत्य अमृत ने भी बताया था कि उक्त बस हादसे में मारे गये लोगों की सही संख्या हमारे पास नहीं है. बस पूरी तरह से जल गयी है. उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद कुल आठ लोग सुरक्षित बचे हैं.