जानिए क्या होती है? मिशनरी सेक्स पोजीशन, फायदे जानकर उड़ जाएगे आपके होश…

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Missionary sex position in Hindi जानिए मिशनरी सेक्स पोजीशन क्या होती है, कैसे की जाती है, कैसे इसे और अधिक कामूक बनाया जा सकता है और इसके फायदे और नुकसान के बारे में। सेक्स एक नेचुरल प्रोसेस है जो आनंद प्राप्ति या रिप्रोडक्शन (शिशु को जन्म देने) के लिए या फिर दोनों के लिए किया जाता है। इसे वजाइनल इंटरकोर्स या वजाइनल सेक्स भी कहा जाता है।

सेक्स करने के कई तरीके होते हैं और हर एक तरीके का अपना फायदा और अपना नुकसान होता है। अलग-अलग तरह की सेक्स पोजीशन से अलग-अलग तरह से कामुकता पैदा की जा सकती है। मिशनरी सेक्स पोजीशन सबसे आसान सेक्स पोजीशन में से एक है जिसमें महिला और पुरुष दोनों ही आरामदायक स्थिति में रहते हैं इसे 67 सेक्स पोजीशन भी कहा जाता है जिसमें दोनों पार्टनर्स को समान कामुकता का एहसास होता है।

इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से मिशनरी सेक्स पोजीशन(67 सेक्स पोजीशन) के बारे में और उनके फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं मिशनरी सेक्स पोजीशन यानि 67 सेक्स पोजीशन से जुड़ी कुछ बातें।

तो इसलिए बहुत जरुरी होता है महिलाओं के लिए ब्रा पहनना

मिशनरी सेक्स पोजीशन क्या है – Missionary sex position in Hindi

 

सेक्स पोजीशन बहुत सारी होती है लेकिन मिशनरी सेक्स पोजीशन एक शुरुआती सेक्स पोजीशन होती है। इस सेक्स पोजीशन में पुरुष साथी महिला साथी के ऊपर रहता है और महिला साथी नीचे रहती है। इस दौरान सेक्स करते वक्त आप अपने साथी से आई-कॉन्टेक्ट (आंखों से आंखे मिलाकर देखना) कर सकते हैं, उन्हें महसूस कर सकते हैं, उनका वजन आपके ऊपर होता है साथ ही आप उनके प्यार को भी ज्यादा अच्छे से महसूस कर सकते हैं। क्योंकि यह सेक्स पोजीशन 67 नंबर पर आती है इसलिए इसे 67 सेक्स पोजीशन भी कहा जाता है। मिशनरी सेक्स पोजीशन काफी साधारण होती है इसलिए बहुत से लोग इसे बोरिंग भी मानते हैं लेकिन कुछ टिप्स की मदद से आप इसे रोमांचक बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे करते हैं मिशनरी पोजीशन में सेक्स।

मिशनरी पोजीशन में सेक्स कैसे करते हैं –  How to do Missionary sex position in Hindi

इस मिशनरी सेक्स पोजीशन में महिलाएं बेड पर कमर के बल लेट जाती है जबकि पुरुष साथी अपने पेट के बल महिला साथी के ऊपर होता है। इस क्रिया के दौरान धीरे-धीरे पेनिस वजाईना के अंदर जाता है और सेक्सुअल इंटरकोर्स होता है। स्किन-टू-स्किन टच यानि की त्वचा के स्पर्श से प्यार का एहसास करने के लिए इस सेक्स पोजीशन को सबसे अच्छा माना जाता है। पुरुष इस पोजीशन के दौरान महिलाओं पर हावी होते हैं लेकिन महिलाएं भी पुरुष पर हावी हो सकती है। इस सेक्स पोजीशन को सेफ सेक्स पोजीशन यानि की सुरक्षित सेक्स पोजीशन भी माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस सेक्स पोजीशन के फायदे और नुकसान क्या कुछ है।

मिशनरी सेक्स पोजीशन के फायदे – Missionary sex position Benefits in Hindi

 

  • यह पोजीशन अत्यधिक कामुकता का एहसास करवाती है।
  • शुरुआती सेक्स के लिए यह पोजीशन सबसे अच्छी मानी जाती है।
  • एक-दूसरे को स्पर्श करके अधिक प्यार का एहसास करवा सकते हैं।
  • मिशनरी सेक्स पोजीशन के दौरान दोनों पार्टनर्स एक-दूसरे को कडल (गले मिल) सकते हैं।
  • मिशनरी सेक्स पोजीशन एक दौरान आप और आपका पार्टनर एक-दूसरे को किस करके रोमांस को और भी बढ़ा सकते हैं।
  • इस सेक्स पोजीशन के दौरान दोनों पार्टनर्स का मुंह एक तरफ होता है जिससे वे दोनों देख सकते हैं कि उन्हें क्या एहसास हो रहा है? वे सहज है या नहीं?  और साथ ही उनका पार्टनर कब रुकना चाहता है।

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