मौसम विभाग ने किया अलर्ट, चक्रवाती तूफान के कारण इन राज्यों में बढ़ सकता है खतरा

बंगाल की खाड़ी में उठ रहे तूफान अम्फान  कई राज्यों के लिए खतरा बन सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस एक्टिव है। इसके कारण देश के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी और पड़ोसी क्षेत्रों से उठा चक्रवाती तूफान अम्फान अगले 12 घंटे में खतरनाक रूप ले सकता है। दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में करीब 1000 किलोमीटर की दूरी पर अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में तेजी से वृद्धि हो सकती है। ओडिशा के तटीय इलाके और आसपास के क्षेत्र में तूफान की चेतावनी दी है।

अम्फान चक्रवात ने पिछले 6 घंटों में दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी व पड़ोस के इलाकों से 6 कि.मी. प्रति घंटे की स्पीड से उत्तर-उत्तरपश्चिमी इलाकों की तरफ रुख कर और भयानक रूप ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात पाराद्वीप से 990 किमी दक्षिण तथा दीघा समुद्र तट से 1140 किमी दक्षिण तथा दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है।   

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मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान 70 किलोमीटर प्रतिघंटे तक तेज हवाएं चलेंगे और बारिश भी होगी।मौसम विभाग इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। इसका असर पर्वतीय इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बना हुआ है। जिसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह 18 मई से समुद्र में या ओडिशा के समुद्री तटों पर ना जाएं। चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 12 तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया है। पश्चिम बंगाल के मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे 18 से 21 मई के बीच बंगाल की खाड़ी या पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में ना जाएं। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन सभी को 17 मई तक लौटने को कहा गया है।

चक्रवाती तूफान अम्फान का असर देश के आठ राज्यों पर पड़ सकता है। जिसके चलते इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी चल सकती है। खासकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह में तूफान के चलते भारी बारिश हो सकती है।

आज शाम तक भयंकर चक्रवात में बदल सकता है तूफान

यह चक्रवात शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल में दीघा के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में 1,220 किलोमीटर की दूरी पर था। मौसम कार्यालय ने यहां बताया कि इस तूफान के प्रभाव से 19 मई से राज्य के तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक जी के दास ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र रविवार की शाम तक भयंकर चक्रवात में बदल सकता है और यह 17 मई तक उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि इसके 18 से 20 मई के दौरान उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने और फिर पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ने की संभावना है। इस तूफान से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही हो सकती है। ओडिशा के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर और भद्रक जैसे जैसे तटीय इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।

कोरोना संकट के बीच दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी पर अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, अगले 24 घंटे में ये एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस बीच, पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) भी अलर्ट हो गई है। विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के जहाज अलर्ट मोड में हैं। वे मेडिकल सर्विस और लोगों की हर प्रकार की मदद के लिए तैनात हैं।

इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर और राहत सामग्री तैयार है। इसमें खाने के सामान, तम्बू, कपड़े, दवाएं, कंबल आदि पर्याप्त मात्रा में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बचाव और राहत प्रयासों को बढ़ाने के लिए जेमिनी बोट्स और मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैयार हैं।

बंगाल के तटीय जिलों में मौसम बेहद खराब हो सकता है

मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात धीरे-धीरे शक्तिशाली रुप धारण करता जा रहा है। इसके पहले बंगाल की खाड़ी में उत्तर और उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर और उत्तर-पूर्व में कदम रखने के अनुमान है। परिणामस्वरूप, सोमवार से बुधवार तक बंगाल के तटीय जिलों में मौसम बेहद खराब रह सकता है।

मंगलवार और बुधवार को वहां बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इनमें कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर मुख्य रूप से शामिल हैं। 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं समुद्र के अंदर हवा की गति 190 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।

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