बिहार में तीन से चार दिनों तक हो सकती है रसोई गैस की दिक्कत

- in बिहार, राज्य

पटना। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के बिहार-झारखंड स्थित पांच प्लांटों से 27 से 29 अगस्त के बीच रसोई गैस सिलिंडरों का लदान ठप रहेगा। इससे तीन से चार दिनों तक रसोई गैस की किल्लत हो सकती है।बिहार में तीन से चार दिनों तक हो सकती है रसोई गैस की दिक्कत

दरअसल लदान करने वाले ट्रांसपोर्टर नए टेंडर में ढुलाई की दर में कटौती करने को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। इसकी घोषणा मंगलवार को बिहार-झारखंड एलपीजी टैक्ड ट्रांसपोर्टर यूनियन की हुई आपातकालीन बैठक में की गई। यूनियन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि 16 अगस्त को आइओसी की ओर से सिलिंडर लदान का नया टेंडर निकाला गया। इसमें ढुलाई की दर 40 रुपये 30 पैसे प्रति सिलिंडर प्रति किलोमीटर रखी गई है। वर्तमान में यह दर 80 रुपये है।

बैठक में यूनियन के उपाध्यक्ष उदयशंकर, महासचिव अनिल सिंह सचिव मनोज सिंह, संयुक्त सचिव आनंद मोहन कोषाध्यक्ष आरएन सिंह सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने नई दर का सर्वसम्मति से विरोध किया। साथ ही 27 से 29 अगस्त तक हड़ताल पर रहने का फैसला लिया गया। बिहार -झारखंड में 1000 से अधिक ट्रांसपोर्टर इस हड़ताल में शामिल होंगे। इस अवधि में आइओसी के बिहार स्थित गिद्धा, बरौनी, मुजफ्फरपुर और झारखंड स्थित बोकारो और जमशेदपुर के बॉटलिंग प्लांटों से सिलिंडरों का लदान नहीं होगा।

डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि नये टेंडर में ढुलाई की दर में 50 फीसद की कटौती अप्रत्याशित और गैरकानूनी है। इस पर यूनियन की ओर से आइओसी के राज्य कार्यालय को आवेदन देकर विरोध भी जताया गया लेकिन संज्ञान नहीं लिया गया। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सिलिंडर में लगे कैप और धागे के डैमज के मद में भी प्रति ट्रक 400 से 500 रुपये की कटौती आइओसी कर रहा है। इसका भी ट्रांयपोर्टरों ने विरोध किया। बैठक में बीपीसीएल और एचपीसीएल के ट्रांसपोर्टर भी शामिल हुए और उन्होंने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कांग्रेस का दलित-सवर्ण कार्ड में नहीं विश्वास : मदन मोहन

पटना। तकरीबन 11 महीने के लंबे अंतराल के बाद