सुप्रीम कोर्ट ने मांगी 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों की सूची

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ओर से जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 341 दर्ज किया गया। बता दें कि यह बहुत ही खराब श्रेणी में आता है। इसमें फरीदाबाद को देश में सबसे प्रदूषित शहर बताया गया था। इस अध्ययन में 70 शहरों को शामिल किया गया था। सूची में दूसरे नंबर पर गुरुग्राम था। तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण की स्थिति पर काबू पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा एलान किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों की सूची मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन गाड़ियों की लिस्ट अखबार में प्रकाशित होनी चाहिए। हैरानी की बात तो ये है कि देश के सबसे प्रदूषित शहर फरीदाबाद से भी अधिक प्रदूषित दिल्ली का आनंद विहार इलाका है।यहां की हवा बेहद खतरनाक है। दिवाली से पहले ही देश में प्रदूषण के कारण हालात खराब हो चुके हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिवाली के बाद स्थिति कितनी खराब हो सकती है।

वायु प्रदूषण के कारण सबसे अधिक दिक्कत अस्थमा के मरीजों को होती है। वहीं ये प्रदूषित हवा स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करती है। स्वस्थ लोगों को भी इस हवा में सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर आप खुद को वायु प्रदूषण के प्रकोप से बचाना चाहते हैं तो ये आसान तरीके अपना सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में बाहर से आने वाली 10 साल और 15 साल पुरानी डीजल और पेट्रोल की गाड़ियों को रोकने के आदेश को तत्काल लागू हो। 

हवा को फिल्टर करने वाले पौधे करेंगे मदद

हवा में घुली जहरीली गैसों को कम करने के लिए आप इन पौधों की सहायता ले सकते हैं। हवा को फिल्टर करने वाले इन पौधों को एयर फिल्टरिंग प्लांट भी कहा जाता है। खराब हवा से न केवल सांस लेने में बल्कि देखने में भी दिक्कत होती है। इससे आंखों में जलन, खुजली और एलर्जी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ये पौधे बेहद आसानी से आपको मिल जाएंगे।

भारत में इस तरह के पौधे हैं- एलो वेरा, लिली, स्नेक प्लांट जिसे आमतौर पर नाग पौधा भी कहा जाता है, पाइन प्लांट (देवदार का पैधा), मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी। इन पौधों में नियमित रूप से पानी लगाएं और इनकी पत्तियों को भी साफ सुथरा रखें। पौधे से ऑक्सीजन भी मिलती है जो घातक कार्बनडाई ऑक्साइड के प्रभाव को कम करती है। इनमें से कई पौधों को घर में भी रखा जा सकता है।

दिवाली के समय वायु प्रदूषण से ऐसे बचें

दिवाली के समय वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। कई बार तो घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद करने के बाद भी इसका प्रभाव कम नहीं होता। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि अगले दिन घर से निकलने के बाद हवा में धुंध छाई रहती है और कुछ भी देखने में दिक्कत होती है। जिसके कारण सड़क दुर्घटना तक का खतरा बढ़ जाता है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है और केवल हरे पटाखे फोड़ने की सलाह दी है। साथ ही पटाखे फोड़ने का समय भी रात 8-10 बजे तक रखा है। लेकिन दिवाली से पहले मौजूद जहरीली हवा को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि दिवाली के बाद प्रदूषण नहीं होगा। दिवाली के समय खुद को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं-

– जिन स्थानों पर पटाखे फोड़े जाते हैं वहां से दूर रहें।

– पटाखों के फटने से होने वाली आवाज से ध्वनि प्रदूषण होता है। इससे बचने के लिए किसी शांत जगह पर जाएं।

– अगर आप प्रदूषण वाले स्थान को छोड़कर नहीं जा सकते तो खुद को बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। एंटी पॉल्यूशन मास्क एक अच्छा विकल्प है।

– हो सके तो घर से बाहर न निकलें और एयरकंडीशन वाले कमरे में रहें। साथ ही डॉक्टर की सलाह भी लें।

– अधिक फल और सब्जियों का सेवन करें और दिक्कत आने पर इनहेलर का भी इस्तेमाल करें। इसके साथ ही अधिक मात्रा में पानी भी पिएं।

– लेकिन अगर अस्थमा जैसी परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। 

घर के बाहर हों तो इन तरीकों को काम में लाएं

– प्रदूषित वातावरण में व्यायाम करने और सैर करने से बचें।

– बाहर सफर करते समय मास्क का इस्तेमाल करें।

– जहां रहते हैं वहां की हवा कैसी है इस संबंध में जानकारी लें।

– सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें।

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