लालू ने CBI से मांगा वक्त, बाप-बेटे को सीबीआई ने समन जारी कर बुलाया था दिल्ली

पटना.रेलवे होटल टेंडर केस में सीबीआई के प्रश्नों का जवाब देने आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव नहीं जायेंगे। इन दोनों ने सीबीआई से पूछताछ के लिए अगली डेट मांगी है। सीबीआई ने इन दोनों को समन जारी कर 11 सितंबर को दिल्ली बुलाया था। दोनों से दिल्ली सीबीआई ऑफिस में अलग-अलग पूछताछ होनी थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में 2 महीने पहले दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बाद में लालू यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे भी मारे थे। 
लालू ने CBI से मांगा वक्त, बाप-बेटे को सीबीआई ने समन जारी कर बुलाया था दिल्ली

कुछ दिन पहले भी हुई थी पूछताछ…

– इस मामले में कुछ दिन पहले भी लालू की पत्नी राबड़ी देवी के घर पर लालू और तेजस्वी से लंबी पूछताछ की गई थी। सीबीआई 11 सितंबर को लालू और 12 सितंबर को तेजस्वी को दिल्ली बुलाया है, जहां उनसे फिर पूछताछ की जाएगी।
– सीबीआई ने 5 जुलाई को इस मामले में लालू समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि लालू ने जमीन लेने के लिए रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया। इसके लिए मेसर्स सुजाता होटल्स और डिलाइट मार्केटिंग के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और आपराधिक साजिश रची गई।

जांच एजेंसी ने मारे थे छापे

– सीबीआई ने इसी साल 7 जुलाई को लालू यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। पटना, रांची, भुवनेश्वर, दिल्ली और गुड़गांव में कई ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की गई। पटना में लालू-राबड़ी के घर की भी तलाशी ली गई थी। 
– सीबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।

सीबीआई की FIR में ये नाम

1) लालू प्रसाद यादव- तब के रेल मंत्री
2‌‌)राबड़ी देवी- लालू की पत्नी
3) तेजस्वी प्रसाद यादव- बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम
4) सरला गुप्ता- आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी
5) पीके गोयल- पूर्व आईआरसीटीसी मैनेजिंग डायरेक्टर
6) विजय कोचर- होटल चाणक्य की मालिकाना हक वाली कंपनी के डायरेक्टर 
7) विनय कोचर- सुजाता होटल्स कंपनी के डायरेक्टर और विजय कोचर के भाई 
8) मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स- पटना में मॉल के लिए जमीन खरीदने वाली यादव फैमिली कंपनी

स्कैम का शक क्यों?

– सीबीआई के मुताबिक, “लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया था। इन्हें रखरखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी।”
– “इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रोसेस में हेरफेर किया गया था। डेंटर की यह प्रॉसेस आईआरसीटीसी के उस वक्त के एमडी पीके गोयल ने पूरी की।”
– “टेंडर के एवज में 25 फरवरी, 2005 में कोचर ने 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1.47 करोड़ रुपए में बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1.93 करोड़ रुपए थी। इसे एग्रीकल्चर लैंड बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया, स्टाम्प ड्यूटी में गड़बड़ी की गई।”
– ”बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी लालू की फैमिली की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था।”
– एफआईआर में आरोप है, “कोचर ने जिस दिन डीएमसीएल के फेवर में यह सौदा किया, उसी दिन रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को उसे बीएनआर होटल्स सौंपे जाने के अपने फैसले के बारे में बताया।”
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