माखन हत्याकांड के आरोपी मंत्री लाल सिंह आर्य को नहीं मिली राहत
ग्वालियर. गोहद विधायक माखन लाल जाटव की हत्या के मामले में प्रदेश सरकार के मंत्री लालसिंह आर्य को आरोपी बनाए जाने संबंधी सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की गई। इसमें कहा गया कि उक्त आदेश गलत है,इसलिए इस आदेश पर स्टे किया जाए। लेकिन हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने शासन से 25 सितंबर तक जवाब तलब किया है।

जस्टिस शील नागू की सिंगल बेंच में याचिकाकर्ता की ओर से जबलपुर से आए वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सेशन कोर्ट ने कमजोर साक्ष्य के आधार पर याचिकाकर्ता को आरोपी बना दिया। इसलिए इसे खारिज किया जाए। वहीं इसमें अंतरिम राहत देते हुए 14 सितंबर तक कोर्ट में उपस्थित रहने संबंधी जमानती वारंट पर रोक लगाई जाए। कोर्ट में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विशाल मिश्रा और शासकीय अधिवक्ता बीके शर्मा उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट में तर्क रखा कि इस संबंध में अभी उन्हें शासन से दिशा-निर्देश लेने हैं। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फिलहाल याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है।
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साथ ही प्रकरण की अगली सुनवाई 25 सितंबर तय की है। ज्ञात रहे कि तत्कालीन विधायक माखन जाटव की अप्रैल 2009 में हत्या हुई थी। इसमें 9 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है। वहीं कोर्ट में एक साक्षी ने गवाह देते हुए कहा है कि हत्या के समय मौके पर मंत्री लाल सिंह आर्य भी उपस्थित थे। इस आधार पर मंत्री लाल सिंह आर्य को भी आरोपी बनाने का आवेदन पेश किया गया। सेशन कोर्ट ने सुनवाई के बाद उक्त मामले में मंत्री लाल सिंह आर्य को भी आरोपी बनाने के आदेश दिए हैं। साथ ही उपस्थिति के लिए जमानती वारंट जारी किया है। इसके खिलाफ मंत्री लाल सिंह आर्य की ओर से याचिका दायर की गई।





