जानिए क्यों सेक्स के दौरान ब्रेस्ट में सूजन आ जाती है?

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जब बात सेक्स की आती है तो आप भले ही दावा करें कि आप इसके बारे में सबकुछ जानते हैं लेकिन यह हकीकत नहीं है क्योंकि जिस दिन आप सेक्स के बारे में सबकुछ जान लेंगे उस दिन से आपकी सेक्स लाइफ नीरस और बोरिंग हो जाएगी। हम आपको बता रहे हैं कि सेक्स से जुड़ी 10 रोचक बातें जिनके बारे में शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा…

सेक्स का बेस्ट टाइम है वर्कआउट के बाद
वर्कआउट के तुरंत बाद पूरे शरीर के साथ ही प्राइवेट पार्ट में भी खून का बहाव तेज हो जाता है जिससे आपकी सेक्शुअल क्रिया कई गुणा बढ़ जाती है और आपका सेक्शुअल अनुभव और आनंददायक हो जाता है। पुरुषों में एक्सर्साइज के दौरान टेस्टोस्टेरॉन लेवल पीक पर होता है जो सेक्स के लिए सही मूड बनाता है। स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ है कि 20 मिनट के सेक्स के दौरान पुरुष 200 से 300 कैलरी बर्न करते हैं वहीं महिलाएं भी करीब 69 कैलरी बर्न करती हैं।

बोल्ट की स्पीड से ट्रैवल करता है स्पर्म
1 चम्मच स्पर्म में सिर्फ 36 कैलरी होती है। इजैकुलेशन के बाद स्पर्म्स, 28 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बाहर निकलते हैं। दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट ने 100 मीटर डैश में जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है स्पर्म्स की यह स्पीड उसके बराबर ही है। इसके अलावा एक सिंगल स्पर्म में 37.5 MB मेल DNA इंफर्मेशन होता है।

ओव्यूलेशन के दौरान महिलाएं कर सकती हैं चीटिंग
मेन्स्ट्रूअल साइकल के दौरान जब महिलाएं ओव्यूलेशन फेज में होती हैं उस वक्त उनके व्यभिचार यानी चीटिंग करने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसके पीछे की वजह यह है कि फर्टाइल फेज में इंसान के अंदर प्रजनन की इच्छा प्रबल हो जाती है। लिहाजा जब महिलाएं ओव्यूलेट करती हैं तो उस वक्त उनके मन में एग्स के फर्टीलाइज होने की इच्छा तीव्र हो जाती है जिस वजह से उनके चीटिंग करने की आशंका बढ़ जाती है।

कामोत्तेजक का काम करते हैं सेब और कद्दू
हर दिन एक सेब खाने से न सिर्फ आप डॉक्टर के पास जाने से बच जाते हैं बल्कि सेब, महिलाओं की सेक्शुअल हेल्थ को भी बनाए रखता है। जो महिलाएं ज्यादा सेब खाती हैं उनकी कामेच्छा और लुब्रिकेशन बढ़ जाता है जिससे सेक्शुअल क्रिया में बढ़ोतरी होती है। तो वहीं, कद्दू पुरुषों के लिए कामोत्तेजक का काम करता है। कद्दू की महक से प्राइवेट पार्ट में खून का बहाव बढ़ जाता है जिससे इरेक्शन महसूस होता है। इसके अलावा चॉकलेट्स में भी उत्तेजना बढ़ाने की क्षमता होती है।

सेक्स के दौरान ब्रेस्ट में आ जाती है सूजन
इंटरकोर्स के दौरान गुप्तांग की तरह ब्रेस्ट में भी सूजन आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इंटरकोर्स के दौरान शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। निप्पल सहलाने से महिलाओं के शरीर में ऑक्सिटॉक्सिन हॉर्मोन रिलीज होने लगता है जिससे वजाइनल कॉन्ट्रैक्शन होता है और ऑर्गज्म महसूस होता है। महिलाओं की ही तरह करीब 60 प्रतिशत पुरुष भी निप्पल सहलाने से उत्तेजित महसूस करने लगते हैं।

गर्भनिरोधक के रूप में मगरमच्छ के गोबर का इस्तेमाल
प्राचीन समय में ग्रीस के लोग मगरमच्छ के गोबर का गर्भनिरोधक के रूप में इस्तेमाल करते थे। गोबर में मौजूद ऐल्कलाइन प्रॉपर्टी स्पर्मिसाइड का काम करता था। इसकी दूसरी वजह यह हो सकती है कि गोबर के बारे में सोचकर ही दोनों में से कोई पार्टनर सेक्स के लिए तैयार ही नहीं होते होंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ग्रीस के लोगों ने इसकी खोज कैसे की?

फीमेल पार्ट, मेल प्राइवेट पार्ट से ज्यादा सेंसेटिव है
महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में मौजूद क्लिटरिस का मुख्य काम आनंद और संतुष्टि देना है। इसकी वजह से ऑर्गज्म महसूस होता है। यह पुरुषों के प्राइवेट पार्ट की तुलना में ज्यादा सेंसेटिव है क्योंकि क्लिटरिस में करीब 8 हजार नर्व फाइबर्स होते हैं और उस एरिया को उत्तेजित करने से सेक्शुअल प्लेजर बढ़ जाता है।

सेक्स के दौरान स्विच ऑफ हो जाता है ब्रेन का एक हिस्सा
जब किसी महिला को ऑर्गज्म महसूस होता है उस वक्त उसके ब्रेन का एक हिस्सा जो बेचैनी, डिप्रेशन और डर के लिए जिम्मेदार होता है वह बंद हो जाता है। इस प्रक्रिया की वजह से ही महिलाएं ऑर्गज्म के बाद पुरुषों की तुलना में ज्यादा स्ट्रेस फ्री महसूस करती हैं। इस दौरान होने वाली शारीरिक क्रिया भी महिलाओं का कोई वश नहीं होता।

तनख्वाह पर भी पड़ता है सेक्स लाइफ का असर
कुछ स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ है कि जिन पुरुषों की पत्नियां उनसे ज्यादा कमाती हैं उन पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या होने की आशंका बढ़ जाती है। इसमें साइकॉलजी अहम रोल निभाती है क्योंकि ऐसा होने पर कॉन्फिडेंस पर असर पड़ता है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो कपल्स हफ्ते में कम से कम 1 बार सेक्स करते हैं वह अपने करियर में बेहतर परफॉर्म करते हैं, उन कपल्स की तुलना में जो कभी-कभार ही सेक्स करते हैं।

बिस्तर में ज्यादा समय तक टिकते हैं मोटे पुरुष
कई स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ है कि सिक्स पैक्स वाले पुरुषों की तुलना में मोटे पुरुष बिस्तर में बेहतर पारी खेलते हैं। फिट रहने वाले और जिम जाने वाले पुरुषों की तुलना में मोटे पुरुषों को इजैकुलेट करने में 3 गुना ज्यादा समय लगता है।

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