आपकी शादी-शुदा जिंदगी को बर्बाद कर देंगी ये 5 गलतियां

शादी प्यार और जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बैठाकर चलने वाला रिश्ता है। इसमें दो अलग पर्सनैलिटी के लोग एक साथ जिंदगी बिताने का फैसला लेते हैं। इसलिए छोटी-मोटी नोंक-झोंक होना लाजमी है, लेकिन कई बार हम ऐसी बातों को इग्नोर कर देते हैं, जो आगे चलकर क्लेश का रूप ले लेती हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपका रिश्ता खुशहाल और मजबूत बना रहे, तो अपने व्यवहार में छिपी उन गलतियों को पहचानना होगा, जो आपके रिश्ते को खोखला कर सकती हैं। आइए जानें इन गलतियों के बारे में।
साइलेंट ट्रीटमेंट देना
नाराजगी जाहिर करने का सबसे घातक तरीका है चुप हो जाना। जब आप अपने पार्टनर से बात करना बंद कर देते हैं, तो आप कम्युनिकेशन के सारे रास्ते बंद कर देते हैं। यह आपके पार्टनर को अकेला महसूस कराता है, जिससे दूरियां और बढ़ती हैं। इसलिए नाराजगी हो तो बोलकर बताएं। चुप रहने से गलतफहमियां बढ़ती हैं, सॉल्यूशन नहीं निकलता।
परिवार का जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप
शादी के बाद अपने माता-पिता या रिश्तेदारों का सम्मान करना जरूरी है, लेकिन अपने बेडरूम की बातों या आपसी झगड़ों में उन्हें शामिल करना एक बड़ी गलती है। जब बाहरी लोग हस्तक्षेप करते हैं, तो पार्टनर को लगता है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा रहा या उसकी प्राइवेसी इंवेड हो रही है। इसलिए अपने रिश्ते के चारों ओर एक बाउंड्री बनाएं और आपसी मसले खुद सुलझाने की आदत डालें।
हमेशा बहस को जीतने की कोशिश करना
आपका बेडरूम कोर्ट नहीं है, जहां आपको हर दलील जीतने के लिए देनी है। कई लोग बहस के दौरान यह भूल जाते हैं कि वे किसी दुश्मन से नहीं, बल्कि अपने पार्टनर से बात कर रहे हैं। अगर आपकी प्रायोरिटी सच साबित होना और पार्टनर को हराना है, तो लास्ट में हार आपके रिश्ते की ही होगी। इसलिए हर बहस जीतना जरूरी नहीं है, समझना जरूरी है।
पब्लिक में पार्टनर की इंसल्ट करना
दोस्तों या रिश्तेदारों के सामने अपने पार्टनर का मजाक उड़ाना या उनकी कमियां गिनाना सबसे अपमानजनक व्यवहार है। सार्वजनिक रूप से किया गया अपमान पार्टनर के आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाता है, जिसकी भरपाई बंद कमरे में माफी मांगकर भी नहीं की जा सकती। अगर कोई शिकायत है, तो उसे अकेले में सम्मानजनक तरीके से कहें और दूसरों के सामने हमेशा एक-दूसरे की ढाल बनें।
मुश्किल बातों को अवॉइड करना
लड़ाई से बचने के लिए कई लोग बातों को अवॉइड करना पसंद करते हैं, लेकिन पेरेंटिंग, पैसे जैसे हार्ड टॉक्स को इग्नोर करना आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचाता है। जब आप अपनी भावनाओं, डर और सपनों को शेयर करना बंद कर देते हैं, तो आप एक ही छत के नीचे अजनबी की तरह रहने लगते हैं। इसलिए रोज कम से कम 15-20 मिनट एक-दूसरे की मन की बात सुनें।





