अभी-अभी: अरबपति ज्वेलर्स नीरव मोदी के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला किया दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक से 280 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में प्रसिद्ध ज्वेलर्स नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई सीबीआई की एफआईआर के आधार पर की गई है।

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर की कार्रवाई

आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ईडी भी मोदी और अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई पीएनबी की शिकायत के आधार पर ही अपनी जांच आगे बढ़ाएगी। एजेंसी जांच करेगी कि क्या बैंक के पैसों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया और क्या आरोपियों ने इस अपराध से हासिल पैसे का इस्तेमाल गैरकानूनी संपत्ति और कालाधन अर्जित करने में किया।

सीबीआई ने पीएनबी से 2017 में 280 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में हीरा व्यापारी नीरव मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी अमी और एक बिजनेस साझेदार मेहुल चीनूभाई चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी ने नीरव, निशाल, अमी, चोकसी और डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट और स्टेलर डायमंड के सभी साझेदारी के साथ ही दो बैंक अधिकारियों गोकुलनाथ शेट्टी और मनोज खरात के घरों पर छापे मारे थे।

बैंकों, ज्वेलरी कंपनियों की खामियों की जांच कर सकती है सेबी

बाजार नियामक सेबी बैंकों, कई ज्वेलर्स फर्म समेत अन्य लिस्टेड कंपनियों की सामने आई खामियों की जांच कर सकती है। इसके अलावा सेबी और स्टॉक एक्सचेंज इन कंपनियों और इनके शीर्ष अधिकारियों के ट्रेडिंग डाटा की भी जांच करेंगी। इनमें से कई पहले से इनसाइडर ट्रेड और अन्य उल्लंघनों के चलते जांच के घेरे में हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया घटनाक्रम के बाद उम्मीद की जा रही है कि लिस्टेड कंपनियों द्वारा लोन डिफाल्ट का खुलासा एक दिन के अंदर किए जाने को अनिवार्य बनाने संबंधी सेबी के प्रस्ताव को मजबूती मिलेगी। यह प्रस्ताव बैंकों की आपत्ति के चलते अटका हुआ है।

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