जम्मू में सचिवालय शुरू होने से पहले रविवार को तमाम अधिकारियों ने सुरक्षा पर मंथन किया। राज्यपाल के सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें पुलिस और सिविल प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
विजय ने अधिकारियों से सचिवालय, राजभवन और वीआईपी इलाकों में सुरक्षा के फूलप्रूफ बंदोबस्त करने को कहा। महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के लिए कहा। जम्मू शहर और सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया गया। खासकर उन क्षेत्रों को चिन्हित करने के लिए कहा गया, जहां पर किसी अप्रिय घटना होने की आशंका है। इन क्षेत्रों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों से कहा गया है वह सुरक्षा के बड़े से बडे़ इंतजाम करें। सभी एजेंसियां इसके लिए आपसी तालमेल बनाकर रखें। यदि कहीं पर भी कोई खुफिया इनपुट मिलता है, तो उसको आपस में सांझा करें, ताकि वक्त रहते कार्रवाई की जा सके। जम्मू संभाग में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे भी चर्चा हुई। आईजी जम्मू ने बैठक में सुरक्षा बंदोबस्तों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रहमन्यम, डीजीपी दिलबाग सिंह, डिव्काम जम्मू संजीव वर्मा, आईजी जम्मू एस डी सिंह जमवाल, नगर निगम आयुक्त अरविंद कोतवाल, एसएसपी जम्मू विवेक गुप्ता सहित बीएसएफ, सीआरपीएफ, सेना और सिविल प्रशासन के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
जम्मू शहर को जोड़ने वाले 17 स्थानों पर नाके लगाए गए
मंदिरों के शहर में प्रवेश करने वाले 17 स्थानों पर नाके लगाए गए हैं। यह सभी प्वाइंट हाईअलर्ट पर रहेंगे। दरबार मूव को लेकर राज्य पुलिस की तरफ से यह व्यवस्था की गई है, ताकि शहर में आने जाने वाले हर एक व्यक्ति पर नजर रखी जा सके। आईजी जम्मू ने बैठक में इसकी जानकारी दी।
शहर के होटलों पर भी कड़ी नजर
दरबार मूव के चलते शहर में होटल और लाज पर कड़ी नजर रखी जा रही है। क्योंकि दरबार मूव के चलते कई लोग होटलों में आकर रुकते हैं। इसकी आढ़ में आतंकी या फिर कोई शरारती तत्व आकर रुक सकते हैं। पुलिस ने होटल मालिकों से भी बात की है कि वह होटलों में रुकने और आने जाने वालों की पूरी पहचान के बाद ही उनको होटल में दाखिल होने दें।
बार्डर जिलों में भी अलर्ट जारी
आगामी दरबार मूव के चलते जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बार्डर के इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा को पुख्ता करने का निर्देश दिया गया है। सीमांत इलाकों से शहर को जोड़ने वाले तमाम नाकों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। बार्डर पर घुसपैठ न हो, इसके लिए भी पर्याप्त बंदोबस्त करने के लिए कहा गया है।
दरबार मूव के चलते राजमार्ग पर लंबी हुई रोके गए वाहनों की कतार
दरबार मूव के चलते वाहनों की आवाजाही एक तरफा होने के कारण रविवार को शहर व आसपास के इलाकों में घाटी जाने वाले ट्रकों व यात्री वाहनों को रोका गया। इनको अब पुलिस 29 अक्तूबर को घाटी के लिए रवाना करेगी। दूसरी तरफ रोके जाने के कारण शहर के साथ लगते इलाकों में ट्रकों की कतार लंबी होती जा रही है।
दरबार मूव के चलते शुक्रवार रात को ही घाटी जाने वाले ट्रकों व यात्री वाहनों पर पुलिस की तरफ से प्रतिबंध लगा दिया था। इसके चलते शनिवार को जखैनी, संगूर, रठियान, गरनई, फ्लाटा, टिकरी में ट्रकों को रोक दिया गया। राजमार्ग पर इनकी लंबी कतार के कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी और शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोके जाने के कारण वाहन चालकों व यात्रियों को भी दिन भर कई प्रकार की परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
शनिवार के मुकाबले में रविवार को रोके गए वाहनों की संख्या दोगुनी हो गई थी। उधमपुर से लेकर टिकरी तक फोर लेन राजमार्ग पर जहां भी नजर दौड़ाई जा रही है, वहां सिर्फ वाहन नजर आ रहे हैं। वाहनों के चालकों को अब बस आगे बढ़ने की अनुमति मिलने का इंतजार है, क्योंकि तीन दिन से रोके जाने और सुविधाएं न मिल ने के कारण चालक व सह चालक परेशानियों से जूझ रहे हैं। वहीं कई यात्रियों के वाहन आगे बढ़ने की अनुमति न मिलने पर वापस जम्मू की तरफ लौट गए हैं।