J&K: जब तरक्की में रोड़ा बने हुर्रियत के खिलाफ स्कूली छात्रों ने तोड़ी खौफ की दीवार

जम्मू-कश्मीर में दशकों से नफरत की राजनीति कर रही हुर्रियत का असली चेहरा अब घाटी के नौजवानों को नजर आने लगा है. यही वजह है कि नौजवानों ने अब हुर्रियत की नफरत भरी सियासी चालों की खिलाफत करना शुरू कर दी है. हुर्रियत के खौफ की वजह से अभी तक कश्मीरी नौजवानों की यह खिलाफत सोशल मीडिया में ही नजर आती थी. ज्यातादतर नौजवान हुर्रियत के खिलाफ खुलकर सामने आने से कतराते थे.
स्कूली छात्रों ने तोड़ी हुर्रियत के खौफ की दीवार
कश्मीर की सुरक्षा में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कश्मीर घाटी का माहौल धीरे-धीरे बदल रहा है. कश्मीर के नौजवानों को समझ में आने लगा है कि कौन उनके बेहतरी के काम कर रहा है और कौन उनके भविष्य को बर्बाद करने में तुला हुआ है. इसकी का नतीजा है कि कश्मीर के स्कूली छात्रों ने हुर्रियत द्वारा तैयार की गई खौफ की दीवार को तोड़ना शुरू कर दिया है. इन दिनों कश्मीर में जगह-जगह पर स्कूली छात्र हुर्रियत के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.
तीन महीने से स्कूल बंद होने से नाराज हैं छात्र
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से हुर्रियत ने बंद की राजनीति शुरू कर दी है. छोटी-छोटी बातों पर घाटी में बंद का ऐलान किया जा रहा है. इस बंद का असर घाटी के उद्योगों के साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. आलम यह है कि हर्रियत द्वारा लगातार कराए जा रहे बंद के चलते बीते तीन महीनों से तमाम स्कूल पूरी तरह से बंद पड़े हैं. जिसका खामियाजा सीधे तौर पर इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.
घाटी में परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं छात्र
कश्मीर की सुरक्षा में तैनात वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूली छात्र बीते कुछ दिनों से लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध कर रहे इन छात्रों का कहना है कि हुर्रियत के बंद के चलते वे तीन महीनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. उनका स्लेबल अधूरा पड़ा है. वहीं परीक्षाएं अब सिर पर है. स्लेबस पूरा किए बिना उनके लिए परीक्षाओं में शामिल होना नामुमकिन है. लिहाजा, उनके स्कूल की परीक्षाओं को स्लेबस पूरा होने तक रद्द किया जाए.
कश्मीरी छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहा है हुर्रियत
हुर्रियत की शह पर पत्थरबाजी करने वाले युवाओं को लेकर कश्मीर का एक युवा अशरफ खटाना सामने आया है. उसने ट्वीट कर लिखा है कि अब तक स्टूडेंट लीडर की सक्रियता यूनिवर्सिटी के बाहर नहीं दिखी. न ही कभी स्टूडेंट पॉलिटिक्स मेनस्ट्रीम में इस तरह सक्रिय रही है. कश्मीर की उस दुनिया में सभी का स्वागत है जहां हुर्रियत कश्मीरी नौजवानों को पत्थरबाजी के लिए उकसाकर उनका भविष्य बर्बाद कर रहा है. अपने नौजवानों के भविष्य को बचाने के लिए कश्मीरियों को अब सामने आना होगा.





