IPL-12 के फाइनल में संकट का बादल, सामने आई ये बड़ी वजह

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की तीन बंद दर्शक दीर्घाओं का मसला हल नहीं होने की दशा में हैदराबाद का राजीव गांधी स्टेडियम इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) प्लेऑफ और 12 मई को फाइनल मैच के लिए स्टैंडबाय रहेगा. तमिलनाडु क्रिकेट संघ (TNCA) तीन दीर्घाओं I, J और K के लिए स्थानीय नगर निगम से 2012 से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं ले सका है.

बोर्ड के एक अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट को बताया ,‘हम टीएनसीए से बात करेंगे क्योंकि हम चेन्नई से अपने मैदान पर खेलने का अधिकार नहीं छीनना चाहते, लेकिन तीन खाली दीर्घाएं एक मसला है. हैदराबाद और बेंगलुरू प्लेऑफ, एलिमिनेटर और फाइनल के लिए दो स्टैंडबाय वेन्यू होंगे.’

गौरतलब है कि मैच के दौरान इस स्टेडियम के तीनों स्टैंड्स खाली रहते हैं. इन तीनों स्टैंड्स (I, J और K ) की अधिकतम क्षमता 12,000 है. यानी एक स्टैंड की क्षमता 4,000 है. नवंबर 2011 से इन तीन स्टैंडों का उपयोग नहीं किया गया है.

IPL के बाद इंग्लैंड में शुरू हो रहे विश्व कप को लेकर टीम मैनेजमेंट के लिए यह चिंता का सबब हो सकता है

बताया जाता है की विवाद का मुख्य कारण स्टैंड से सटा हुआ मद्रास क्रिकेट क्लब (MCC) का जिम्नेजियम है. 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंड के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था. साथ ही टीएनसीए से कहा था कि वह चेन्नई नगर निगम को इसका प्लान भेजे. टीएनसीए इससे सहमत है, लेकिन उसे यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्य की हेरिटेज कमेटी से अब तक अनुमति नहीं मिली है.

उधर, बीसीसीआई ने भारत में घरेलू टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय खेलों के टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए नए सिरे से निविदा आमंत्रित करने का भी फैसला किया है.

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