इंटरपोल ने भारतीय जांच एजेंसियों को सूचना दी है कि फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी अलग-अलग देशों की यात्रा कर रहा है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, विदेश मंत्रालय द्वारा 24 फरवरी को नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द करने के बाद भी वह मार्च में चार बार दूसरे देशों की यात्रा पर गया था.

भारतीय एजेंसियों को 5 मई को भेजी गई चिट्ठियों में इंटरपोल ने कहा है, 15 मार्च से 31 मार्च के बीच नीरव ने भारतीय पासपोर्ट से अमेरिका, ब्रिटेन और हॉन्गकॉन्ग की यात्रा की थी. इंटरपोल के मुताबिक, 15 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च और 31 मार्च को उसने ये यात्राएं की है.

24 फरवरी को हुआ था पासपोर्ट रद्द

बता दें कि 24 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी, मेहुल चोस्की और गीतांजली ग्रुप के प्रमोटर का पासपोर्ट रद्द कर दिया था. मंत्रालय ने कार्रवाई तब की है जब उन्होंने इस संदर्भ में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया था. नीरव मोदी, मेहुल चोस्की और उनकी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं से 13500 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है. इसके लिए उन्होंने फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट का इस्तेमाल किया है.

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रेड कॉर्नर नोटिस का अनुरोध

इसके पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीरव मोदी के भाई निशाल (बेल्जियम का नागरिक) और उसकी कंपनी के एक कार्यकारी सुभाष परब के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है. सूत्रों ने कहा कि सीबीआई ने सेमवार को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के का अनुरोध किया. सीबीआई पहले ही मोदी, चोकसी और निशाल के खिलाफ 15 फरवरी को प्रसार नोटिस जारी कर चुकी है. इस नोटिस के तहत किसी भगोड़े के स्थिति की जानकारी इंटरपोल के सदस्य देशों के बीच साझा की जाती है. सूत्रों ने कहा कि इस नोटिस के बाद ब्रिटेन ने मोदी और दूसरे भगोड़ों के आवाजाही की जानकारियां साझा की थी. हालांकि, उनकी विशिष्ट स्थिति अज्ञात बनी हुई है.