केंद्र सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज दर 8.55 फीसदी करने को मंजूरी दे दी है. ईपीएफ पर ब्याज की यह दर पांच साल में सबसे कम है. देश में ईपीएफओ के करीब 5 करोड़ अंशधारक हैं. जानकारी के मुताबिक ईपीएफओ सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के फैसले के हिसाब से केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस ब्याज दर को मंजूरी दे दी है.

ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड के अध्यक्ष श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने 21 फरवरी को हुई बैठक के बाद कहा था कि संगठन ने वर्ष 2017-18 के लिए 8.55 फीसदी ब्याज दर करने फैसला किया है जो पांच साल में सबसे कम है. ईपीएफओ ने 2015-16 में 8.65 फीसदी और इससे पहले साल यानी 2014-15 में 8.8 फीसदी की दर से ब्याज दिया था. हालांकि उन्होंने कहा था कि पीपीएस सहित सभी सेविंग स्कीम्स पर ब्याज की दर लगातार घट रही है. इसको देखते हुए ईपीएफओ पर 8.55 फीसदी का ब्याज बेहतर है. वैसे वित्त मंत्रालय ने ईपीएफओ ट्रस्टी बोर्ड के इस फैसले पर कुछ सवाल उठाने के एक महीने से अधिक समय बाद इस फैसले को मंजूरी दी है. यह अलग बात है कि 8.55 फीसदी की दर से ब्याज देने के बावजूद ईपीएफओ के पास 8.5 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि बनेगी.

एस्सार आयल लिमिटेड जल्द बदलेगी अपना नाम

फरवरी में सबसे कम नए सदस्य जुड़े

गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन फरवरी में धीमा हुआ है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के मासिक आंकड़ों के अनुसार उसकी विभिन्न योजनाओं के तहत नए सदस्यों का पंजीकरण 4,72,075 रहा जो चार महीने का न्यूनतम स्तर है. ईपीएफओ की इन योजनाओं में जनवरी 2018 में 6,04,557 जबकि दिसंबर 2017 में 5,57,633 नये सदस्यों के पंजीकरण हुए थे. नये सदस्यों का पंजीकरण पिछले साल नवंबर में 647,019, अक्तूबर में 3,93,904 तथा सितंबर में 4,35,283 था. ईपीएफओ के अनुसार आंकड़ों में अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं जिनका ईपीएओ में अंशदान हो सकता है पूरे साल न चले. उल्लेखनीय है कि जिस प्रतिष्ठान में भी 20 या उससे अधिक कर्मचारी हैं और उनका मूल वेतन 15,000 रुपये तक है , उन्हें अनिवार्य रूप से ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल किए जाने की आवश्यकता है.

पीएफ का पैसा जमा हुआ या नहीं, ऐसे मिलेगी जानकारी 

ईपीएफओ ने कहा है कि अगर नियोक्ता भविष्य निधि में योगदान को ईपीएफओ के पास समय पर जमा नहीं करते हैं, वह इसकी सूचना अपने अंशधारकों को देगा. फिलहाल ईपीएफओ पंजीकृत सार्वभौमिक खाता संख्या रखने वाले अंशधारकों के खाते में केवल जमा राशि के बारे में ही एसएमएस या ईमेल के जरिये सूचना देता है. ईपीएफओ ने एक बयान में कहा है कि जिन सदस्यों का योगदान समय पर जमा नहीं होता, उसके बारे में सूचना नहीं दी जाती. पारदर्शिता बढ़ाने के इरादे से यह निर्णय किया गया है कि उन अंशधारकों को एसएमएस या ई-मेल (जिन्होंने यूएएन खाते में अपना मोबाइल नंबर या ई-मेल पंजीकरण कराया है) के जरिये यह सूचना दी जाएगी, जिनके नियोक्ताओं ने संबंधित महीने का समय पर योगदान राशि ईपीएफओ के पास जमा नहीं करायी.