रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि एलओसी पर गश्त कर रहे जवानों ने रविवार तड़के पाक अधिकृत कश्मीर की तरफ से कुछ लोगों को भारतीय सीमा में दाखिल होते देखा। स्वचालित हथियारों से लैस यह लोग जैसे ही तारबंदी के पास पहुंचे, जवानों ने उन्हें ललकारते हुए आत्मसमर्पण के लिए कहा।

जवानों की ललकार सुनते ही घुसपैठियों ने अपनी पोजिशन लेते हुए फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायर किया और मुठभेड़ शुरू हो गई। करीब तीन घंटे तक दोनों तरफ से गोलियों की बौछार होती रही। इसके बाद जब जवानों ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए तलाशी ली तो उन्हें गोलियों से छलनी चार आतंकियों के शव मिले। मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं। फिलहाल, अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

इससे पहले गुरुवार को भी आतंकियों ने सेना पर हमला दिया था। आतंकियों ने केरन सेक्टर में सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया था। इस हमले में दो जवान घायल हो गए थे। बता दें विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया था कि पाकिस्तान ने 2018 में भारत व पाकिस्तान के बीच 2003 के संघर्षविराम समझौते का 1,000 से ज्यादा बार उल्लंघन किया है।

पीएम मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन में दिया सुरक्षा का SECURE मंत्र

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम पाकिस्तान की तरफ से अकारण संघर्षविराम उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लेते हैं, क्योंकि इसमें जीवन व संपत्ति की हानि होती है।

भारत ने रमजान के महीने में जम्मू एवं कश्मीर में संघर्षविराम और सीमा पर युद्धबंदी का ऐलान किया हुआ है, लेकिन इस अवधि के दौरान पाकिस्तान की तरफ से अकारण संघर्षविराम का उल्लंघन जारी रहा।