INDvsWI: कुलदीप यादव ने बताया, दूसरी पारी में उन्हें क्या हुई दिक्कत

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज के दूसरे वनडे मैच के टाई होने से सीरीज में भी रोमांच लौट आया है. सीरीज से पहले कमजोर मानी जा रही वेस्टइंडीज की टीम ने दोनों ही मैचों में बेहतरीन बल्लेबाजी की और विशाखापत्तनम मेंटीम इंडिया से जीत छीन मैच टाई कर दिया. इस मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजी 322 रनों का लक्ष्य रोकने में नाकाम रही जो कि विराट कोहली और उनके गेंदबाजों के लिए खासा चिंता का विषय हो गया. इसी पर भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने बताया किया दूसरी पारी में उन्हें क्या दिक्कत हुई.
मैच टाई रहने के बाद कुलदीप ने स्वीकार किया कि ओस में गेंदबाजी करने में बड़ी दिक्कत हो रही थी. भारत ने बुधवार को दूसरे वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 321 रन बनाए. जवाब में वेस्टइंडीज ने शाइ होप के शतक और शिमरोन हेटमेयर के 64 गेंद में 94 रन की मदद से आखिरी गेंद पर स्कोर बराबर कर लिया.
यह मुश्किल आई
कुलदीप ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘ओस में गेंदबाजी करने में दिक्कत हो रही थी. गेंद पर नमी आने के कारण पकड़ बनाना मुश्किल हो रहा था लेकिन आपको ऐसे हालात से सामंजस्य बिठाने के लिए काफी अभ्यास की जरूरत होती है.’’ कुलदीप ने 67 रन देकर तीन विकेट लिए. उन्होंने कहा कि कप्तान विराट कोहली ने उन्हें सही जगह पर गेंद डालने और रनगति पर अंकुश लगाने के लिए कहा था.
लगा विकेट धीमी हो जाएगी
पहले बल्लेबाजी के फैसले पर कुलदीप ने कहा कि उन्हें लगा था कि दूसरी पारी में विकेट धीमी हो जाएगी. उन्होंने हेटमेयर की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘वे शानदार बल्लेबाजी कर रहा हैं. उन्हें गेंदबाजी करना कठिन है. मैं उनके बल्ले पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा था. वे पहले मेरे सामने सहज नहीं थे लेकिन दो छक्के लगाने के बाद दबाव हट गया.’’
सबसे सफल गेंदबाज
कुलदीप ने टीम इंडिया के लिए मैच में तीन अहम विकेट लिए और वे टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे. कुलदीप ने हेमराज, सैमुअल्स और रोवमैन पावेल को आउट किया. कुलदीप ने 10 ओवर में केवल 67 रन दिए. कुलदीप ने 10वें, 12वें और 38वें ओवर में विकेट लिए. अंतिम ओवरों में कुलदीप को गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला, क्योंकि उनके ओवर पहले ही खत्म हो गए थे.
कुलदीप को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में जगह नहीं मिली थी. पहला वनडे टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीता था. पहले वनडे में टीम इंडिया ने 323 रनों का लक्ष्य 43.1 ओवर में ही हासिल कर लिया था. वहीं विशाखापत्तनम वनडे में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज दोनों ने ही 50 ओवर में 321 रन बनाए.





