चीनी मीडिया का खुलासा: चीन में छपते हैं भारतीय नोट, घेरे में सरकार

क्या आपकी जेब में जो नोट हैं वो चीन में छपे हैं? ये हम नहीं कह रहे हैं, यह एक चीनी मीडिया का दावा है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की मानें तो चीन में भारतीय करेंसी छापी जा रही है.Indian notes printed in China

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे बेहद संवेदनशील बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. 

यह रिपोर्ट बेल्ट एंड रोड प्रॉजेक्ट की वजह से चीन में अन्य देशों के नोट प्रिंटिंग के बढ़ते कारोबार और वहां की अर्थव्यवस्था से संबंधित है. हालांकि इनकी पुष्टि ना तो चीनी सरकार की है और ना ही भारतीय सरकार की ओर से इस पर कोई बयान आया है. 

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट कि एक रिपोर्ट में लिखा है कि भारत, नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, थाइलैंड समेत कई देशों की करेंसी चीन स्थित प्रिंटिंग प्रेसों में छापी जा रही हैं.

लेकिन साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में भारत का जिक्र है तो मुद्दा उठना लाजिमी है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. 

हालांकि इस पर आरबीआई का बयान आया है और उसमें चीनी मीडिया की रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया है. आरबीआई का कहना है कि चीनी मीडिया में जो रिपोर्ट छपी है वो गलत है और भारतीय करेंसी की छपाई केवल भारत में होती है. 

चीनी मीडिया साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इस खबर को सही ठहराने के लिए बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष लियू गुशेंग के एक मई को दिए इंटरव्यू का हवाला दिया है. 

थरूर ने ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और पीयूष गोयल को टैग करते हुए इस सफाई मांगी है. उन्होंने लिखा है कि अगर यह सच है तो इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर घातक असर हो सकता है. पाकिस्तान के लिए करेंसी का नकल करना और आसान हो जाएगा. 

इस इंटरव्यू में गुशेंग ने बताया था कि साल 2013 से चीन में विदेशी नोटों की छपाई का काम शुरू हुआ, सबसे पहले नेपाल के नोट छापे गए. और अब यहां की भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, थाइलैंड, ब्राजील, पोलैंड समेत कई देशों के नोट छपते हैं. 

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