भारतीय तीरंदाज दीपिका कुमारी ने खराब फॉर्म से उबरकर रविवार को साल्ट लेक सिटी में विश्व कप (तीसरा चरण) में महिला रिकर्व में गोल्ड मेडल जीता. दीपिका ने फाइनल में जर्मनी की मिशेली क्रोपेन को 7-3 से हराया और इस तरह से छह साल बाद विश्व कप में गोल्ड मेडल जीता. विश्व कप फाइनल में चार बार की सिल्वर मेडल विनर (2011, 2012, 2013 और 2015) ने इस जीत से तुर्की के सैमसन में होने वाले तीरंदाजी विश्व कप फाइनल के लिए स्वत: ही क्वालीफाई कर दिया. सत्र की आखिरी प्रतियोगिता में वह सातवीं बार देश का प्रतिनिधित्व करेंगी.

दीपिका ने इससे पहले अंताल्या में 2012 में खिताबी जीत हासिल की थी. उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने यह गोल्ड मेडल जीता तो मैंने यही कहा आखिरकार मैं सफल रही.’’ भारतीय खिलाड़ी ने संभावित 30 अंकों में से 29 अंक बनाकर शुरुआत की और 2-0 की बढ़त बना ली. उन्होंने इसके बाद क्रोपेन के साथ अंक बांटे. जर्मन खिलाड़ी ने तीसरा सेट जीतकर मैच 3-3 से बराबर कर दिया.

FIFA विश्व कप: मेसी पर अब बड़ी जिम्मेदारी, अर्जेंटीना के लिए ‘करो या मरो’ स्थिति

दीपिका ने इसके बाद 29 और 27 के स्कोर पर चौथा और पांचवां सेट जीता. इस बीच क्रोपेन का स्कोर 26 रहा. इस तरह से भारतीय खिलाड़ी ने 7-3 से मैच अपने नाम किया. दीपिका ने कहा, ‘‘मैं दोहरा रही थी कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो. अपने खेल का लुत्फ उठाओ और जीत या हार को भूल जाओ.’’ चीनी ताइपै की तान या तिंग ने महिला रिकर्व का कांस्य पदक जीता. हालांकि दीपिका को रिकर्व मिश्रित युगल में निराशा हाथ लगी. उनकी और अतनु दास की जोड़ी कांस्य पदक के प्लेऑफ मैच में चीनी ताइपै की तांग चीह चुन और तान या तिंग से 4-5 से हार गयी.