इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट्स की दहाड़ से हिला आसमान, पाक और चीन में खलबली

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चीन और पाकिस्‍तान के खिलाफ संकट या युद्ध की स्थिति में अपनी तैयारियों को परखने के लिए इंडियन एयरफोर्स इस समय युद्धाभ्‍यास गगनशक्ति 2018 का आयोजन कर रही है। यह अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास है और मजे की बात है कि पाकिस्‍तान को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी। एयरफोर्स चीफ एयरमार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ के शब्‍दों पर अगर यकीन करें तो इंडियन एयरफोर्स ने इस समय आसमान को भी हिलाकर रख दिया है। यह पहला मौका है जब इस तरह के किसी युद्धाभ्‍यास के जरिए एयरफोर्स अपने पास मौजूद एयरक्राफ्ट की ताकत और उनकी क्षमता को परख रही है। इस एक्‍सरसाइज में एयरफोर्स के एक हजार से भी ज्‍यादा एयरक्राफ्ट शामिल हैं और पायलट्स ने अब तक कई हजार सॉर्टीज को अंजाम दे डाला है। 

कितने पायलट्स और कितने जेट्स 15,000 एयरफोर्स पर्सनल को ट्रेनिंग से हटाकर एक्‍सरसाइज में शामिल किया गया है। 1,110 फाइटर एयरक्राफ्ट्स जिसमें सुखोई से लेकर मिग और सी-130 से लेकर जगुआर तक शामिल हैं, इस एक्‍सरसाइज का हिस्‍सा हैं। 550 फाइटर जेट्स जिसमें 160 से ज्‍यादा सुखोई और आठ देश में बने तेजस फाइटर जेट्स भी शामिल हैं। 5,000 सॉर्टीज को 11 से 13 अप्रैल के बीच अंजाम दिया गया है। 46 एयरबेस इस एक्‍सरसाइज का हिस्‍सा हैं। 

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पाकिस्‍तान भी रख रहा है नजर एयरमार्शल धनोआ ने सोमवार को जानकारी दी कि इस एक्‍सरसाइज पर पाकिस्‍तान भी नजर रखे हुए है। उन्‍होंने इस एक्‍सरसाइज को ‘आसमान हिलाने वाला और जमीन को फाड़ने वाला’ करार दिया। गगनशक्ति एयरफोर्स की सबसे बड़ी एक्‍सरसाइज है और इस एक्‍सरसाइज के लिए आईएएफ के जेट्स को वेस्‍टर्न सेक्‍टर से ईस्‍टर्न फ्रंट की ओर रवाना किया गया। 48 घंटे से भी कम समय में ये जेट्स पहुंच गए थे। धनोआ ने जानकारी दी कि इस ड्रिल के लिए 22 अप्रैल तक एयरफोर्स की तरफ से सभी तरह की ट्रेनिंग एक्टिविटीज को सस्‍पेंड कर दिया गया है। ऐसा सिर्फ युद्ध के समय होता है जब सेनाएं अपनी ट्रेनिंग एक्टिविटीज को कुछ समय के लिए रोक देती है।   

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